US Israel Iran War

'ईरान ने लगाई युद्धविराम की गुहार', ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- होर्मुज नहीं खुला तो पाषाण युग में भेज देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है. ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की शर्त रखी है, अन्यथा ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की चेतावनी दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान के नए राष्ट्रपति ने अमेरिका से युद्धविराम की गुहार लगाई है. ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को पहले की तुलना में अधिक समझदार बताया है, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह नहीं खोला जाता, तब तक अमेरिका पीछे नहीं हटेगा.

ट्रंप ने ईरान के नए शासन को कम कट्टरपंथी और अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में अधिक बुद्धिमान बताया है. उन्होंने खुलासा किया कि तेहरान की ओर से आधिकारिक रूप से युद्धविराम का प्रस्ताव आया है. हालांकि, ट्रंप ने इस पर विचार करने के लिए एक सख्त शर्त रखी है. उनका कहना है कि वे इस प्रस्ताव को तभी स्वीकार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सुरक्षित और बाधा मुक्त हो जाएगा.

होर्मुज की नाकेबंदी और विनाश की चेतावनी 

ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान को विस्मृति में धकेल देगा. ट्रंप ने अपने संदेश में कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि वे ईरान को वापस 'पाषाण युग' में भेजने की क्षमता रखते हैं. फिलहाल ईरान ने ट्रंप के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के संकेत 

व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान जल्द ही समाप्त हो सकता है. उन्होंने एक समयसीमा बताते हुए कहा कि अगले दो या तीन हफ्तों के भीतर अमेरिकी सेना वहां से वापस लौट सकती है. ट्रंप का मानना है कि उनकी सेना अपना काम लगभग पूरा कर चुकी है. उनके अनुसार, अमेरिका के हटते ही ईरानी व्यवस्था अपने आप ढह जाएगी.

नाटो गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय दबाव 

इस युद्ध के बीच अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों के रिश्तों में भी दरार आती दिख रही है. हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप नाटो से बाहर निकलने पर भी विचार कर रहे हैं क्योंकि सहयोगी देशों ने ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं दिया. ट्रंप ने इस गठबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं. अमेरिकी प्रशासन इस बात से नाराज है कि संकट के समय सहयोगी देश सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे हैं.