Nvidia चीन को नहीं बेचेगी ब्लैकवेल एआई चिप, ट्रंप की सख्ती के बाद कंपनी का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एनविडिया के उन्नत ब्लैकवेल एआई चिप्स की बिक्री चीन सहित अन्य देशों को रोक दी है. केवल अमेरिका और सहयोगी दक्षिण कोरिया को इन चिप्स के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक प्रतिस्पर्धा में एक बड़ा कदम उठाते हुए एनविडिया की सबसे विकसित ब्लैकवेल एआई चिप्स की बिक्री चीन और अन्य देशों के लिए पूरी तरह रोक दी है.
रविवार (2 नवंबर) को सीबीएस के कार्यक्रम '60 मिनट्स' में प्रसारित इंटरव्यू और रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ये चिप्स अब केवल अमेरिका के उपयोग के लिए आरक्षित रहेंगे. हालांकि, सहयोगी दक्षिण कोरिया को सीमित उद्देश्य के लिए इनका उपयोग करने की मंजूरी दी गई है.
एआई की शक्ति का केंद्र बने ब्लैकवेल चिप्स
एनविडिया के ब्लैकवेल एआई चिप्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अगली पीढ़ी के मॉडल्स को शक्ति देने के लिए डिजाइन किया गया है. ये चिप्स बड़े भाषा मॉडल्स और उच्च डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम्स को चलाने में सक्षम हैं. हाल ही में एनविडिया का मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है, जिससे यह वैश्विक एआई सप्लाई चेन का सबसे अहम हिस्सा बन गया है. ट्रंप के इस कदम के बाद एआई की दौड़ में अमेरिका की बढ़त और मजबूत मानी जा रही है.
चीन के लिए Nvidia H20 चिप्स पर बढ़ी सख्ती
वॉशिंगटन में चीन की एआई तकनीक तक पहुंच को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है. अमेरिका पहले ही उच्च प्रदर्शन वाले चिप्स पर निर्यात नियंत्रण लगा चुका है. ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि अब अमेरिका और सख्त रुख अपनाने जा रहा है. चीन के लिए तैयार किए गए एनविडिया के स्केल-डाउन वर्जन H20 चिप्स पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि उनका सैन्य या निगरानी उद्देश्यों में उपयोग न हो सके.
राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी नियंत्रण की रणनीति
राष्ट्रपति ट्रंप का यह फैसला अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी नेतृत्व बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने कहा, 'ये बेहद शक्तिशाली चिप्स हैं, और हम इन्हें गलत हाथों में नहीं जाने देंगे.' यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका एआई प्रौद्योगिकी पर अपना नियंत्रण और मजबूत करना चाहता है. एनविडिया फिलहाल विदेशी बाजारों के लिए सीमित क्षमता वाले संस्करण विकसित कर रही है, लेकिन ब्लैकवेल चिप्स अब सिर्फ अमेरिकी प्रयोग के लिए रहेंगे.
अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच एनविडिया की स्थिति
ब्लैकवेल चिप्स को अमेरिकी सरकार ने पहले से ही उन देशों के लिए प्रतिबंधित श्रेणी में रखा है जो संभावित रूप से इन्हें सैन्य या निगरानी गतिविधियों में इस्तेमाल कर सकते हैं. चीन के अलावा कई अन्य देशों पर भी यह प्रतिबंध लागू है. हालांकि, दक्षिण कोरिया अमेरिका का नजदीकी सहयोगी होने के कारण इन प्रतिबंधों से मुक्त है. एनविडिया ने समझौते की वित्तीय शर्तें साझा नहीं की हैं, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि दक्षिण कोरिया इन चिप्स का उपयोग केवल व्यावसायिक और अनुसंधान उद्देश्यों के लिए करेगा.
कोरिया की एआई महत्वाकांक्षा को नई ऊर्जा
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया ने एआई को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकता घोषित किया है. राष्ट्रपति ली जे-म्यंग की सरकार एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है ताकि देश को डिजिटल युग का केंद्र बनाया जा सके. एनविडिया के साथ हुआ यह समझौता कोरिया की एआई रणनीति का अहम स्तंभ माना जा रहा है. सरकारी प्रवक्ता ने कहा, 'जिस तरह हमारे कारखानों ने औद्योगिक विकास को गति दी, वैसे ही एआई फैक्ट्रियां डिजिटल परिवर्तन को आगे बढ़ाएंगी.'