Tibet Earthquake: तिब्बत में मंगलवार को आए 6.8 तीव्रता के भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई. अब तक 126 लोगों की मौत हो चुकी है. 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं. भूकंप के कारण कई घरों को नुकसान हुआ और सड़कें मलबे से भर गईं. भूकंप का केंद्र टिंगरी गांव में था, जो माउंट एवरेस्ट से 80 किलोमीटर की दूरी पर है. इस भयकंर भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर तक थी. रिपोर्ट के अनुसार 180 मिनट में 50 बार से अधिक बार आज धरती हिली. तिब्बत में आया भूकंप इतना तेज था कि इसके झटके भारत के नेपाल, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में महसूस किए गए. या यूं कहें कि भारत के कई राज्यों में भी आज भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए.
भूंकप के तेज झटकों ने ऐसी तबाही मचाई कि टिंगरी समेत आस पास के के कई गांव मलबा बन गए. हजारों घर तबाह हो गए. भूकंप की तीव्रता 7.1 रही. इसके बाद 4.4 की तीव्रता वाले 3 घंटे में 50 बार और धरती हिली.
तिब्बत भूकंप; 10 प्वाइंट्स में समझें अब तक क्या-क्या हुआ
- भूकंप की तीव्रता: तिब्बत में मंगलवार को सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस हुए. भूकंप ने पूरी दुनिया का सदमें में डाल दिए. भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 रही. इसके अलावा 50 बार धरती हिली. जिसकी तीव्रता 4.4 से लेकर 6 तक आंकी गई.
- चीन की सरकार की प्रतिक्रिया: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए तात्कालिक प्रयासों की अपील की. 3,000 से अधिक बचावकर्मियों को क्षेत्र में भेजा गया. इसके अलावा, राहत कार्यों के लिए 100 मिलियन युआन (लगभग 13.6 मिलियन डॉलर) की राशि आवंटित की गई है.
- बचाव कार्य: बचावकर्मी टूटे हुए ईंटों के ढेर में फंसे हुए लोगों को खोजने में जुटे हैं. चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि दो लोगों को स्ट्रेचर पर मलबे से बाहर निकाला गया.
- भूकंपीय क्षेत्र: तिब्बत एक भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र है. पिछले साल तिब्बत में 100 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए थे, जिनकी तीव्रता 3.0 या उससे अधिक थी. हालांकि, 7.0 या उससे बड़ी तीव्रता के भूकंप काफी दुर्लभ होते हैं.
- आपदा राहत सामग्री: केंद्रीय सरकार ने भूकंप प्रभावित क्षेत्र में 22,000 आपदा राहत सामग्री भेजी है. इसमें उच्च ऊंचाई वाले और शीतल क्षेत्रों के लिए विशेष सामग्री भी शामिल है.
- नेपाल में असर: नेपाल में भी इस भूकंप के झटके महसूस किए गए. काठमांडू सहित कई जिलों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए. काठमांडू में इमारतें, पेड़ और बिजली के खंभे झूलते हुए देखे गए.
- आफ्टरशॉक्स: भूकंप के बाद अगले नौ घंटों में लगभग 150 आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए. साथ ही, माउंट एवरेस्ट के चीनी हिस्से में स्थित पर्यटक क्षेत्र को बंद कर दिया गया.
- काठमांडू के पास का दृश्य: काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में एक वीडियो में एक छोटे मंदिर के आंगन से पानी सड़क पर बहता हुआ दिखाई दिया. एक महिला ने कहा, "यह एक बड़ा भूकंप था, सभी लोग हिल रहे थे."
- प्रभावित क्षेत्र: भूकंप के केंद्र के करीब स्थित तीन कस्बों और 27 गांवों में लगभग 6,900 लोग रहते हैं. इन क्षेत्रों का औसत ऊंचाई लगभग 4,200 मीटर (13,800 फीट) है.
- शिगात्से क्षेत्र में तबाही: भूकंप का असर तिब्बत के शिगात्से क्षेत्र में भी महसूस किया गया, जहां 8 लाख लोग रहते हैं. इस क्षेत्र के कई घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं, और तिब्बत फायर एंड रेस्क्यू द्वारा जारी वीडियो में मलबे के ढेर को दिखाया गया है.
यह भूकंप तिब्बत के लिए एक बड़ी आपदा साबित हुआ है और राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं.