नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरुमध्य को लेकर चेतावनी दी है. ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ रात भर बातचीत की है. ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शिपिंग या तेल परिवहन को बाधित न करे. ट्रंप ने कहा, “अगर तुमने इस जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की तो तुम्हारा देश नहीं बचेगा. तुम अपने देश तक वापस नहीं पहुंच पाओगे.”
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका इसके जवाब में बहुत सख्त कदम उठाएगा. ट्रंप ने आगे कहा, “जरूरत पड़ी तो हम खुद इस जलडमरूमध्य को संभाल लेंगे.” ट्रंप ने यह भी सुझाव दिया कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका यहां से गुजरने वाले तेल के जहाजों से टोल टैक्स वसूल सकता है. उन्होंने कहा कि 60 दिनों के अंदर अगर कोई डील नहीं बनी तो टोल लगेगा. ट्रंप ने अमेरिकी सेना को गार्जियन एंजेल बताया जो पूरे पश्चिम एशिया के देशों की सुरक्षा करता है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा था कि वे यूरेनियम संवर्धन का अधिकार कभी नहीं छोड़ेंगे. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, “उन्हें अपनी जुबान संभालनी चाहिए, वरना हम बाकी देश पर भी कब्जा कर सकते हैं.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत में कुछ मुद्दों पर अच्छी प्रगति हुई है, हालांकि लेबनान और होर्मुज को लेकर अभी भी बड़ा मतभेद है.
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में अमेरिका-ईरान के बीच उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो गई है. कतर के विदेश मंत्रालय ने आशा जताई है कि इससे दोनों देशों के बीच स्थायी समझौता हो सकेगा. यह पूरा मामला विश्व की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा है क्योंकि दुनिया का बहुत बड़ा तेल व्यापार होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है.