अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से महा-मुकाबला शुरू हो गया है और इस बार शुरू हुआ युद्ध पहले से भी ज्यादा भयावह है. फरवरी महीने के अंत में शुरू हुए इस जंग की थमने की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ एक बार में सैकड़ों हमले किए जा रहे हैं.
ईरान ने भी अपने 'आका' की मौत का बदला लेने की कसम खाई है. एक समय के लिए सबकुछ सही नजर आ रहा था, दोनों देश समझौते पर बातचीत कर रहे थे. लेकिन अचानक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन जहाजों पर हमले के बाद इस युद्ध की आग की लपटें फैलती चली गईं, जिसमें अभी कुवैत से लेकर बहरीन तक तनाव फैल गया है.
ईरान ने इस बार अमेरिका के खिलाफ जंग का सीधा ऐलान कर दिया है. ईरान के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अमेरिका की ओर से बार-बार धोखा मिला है और इस बार वह किसी भी धोखे के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने अमेरिका के खिलाफ अब तक का सबसे ज्यादा खतरनाक ऑपरेशन शुरू किया है. रिपोर्ट के मुताबिक इस ऑपरेशन का नाम 'कोड 009' दिया गया है.
रिपोर्ट की मानें तो इस नाम के पीछे भी एक खास वजह है. 'कोड 009' का सीधा लिंक ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से जोड़ा जा रहा है. दरअसल, 9 जुलाई को ही ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था. इसी दिन ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और वहां के लोगों ने बदला लेने की कसम खाई थी और 9 अरब देशों को निशाना बनाने का लक्ष्य रखा था.
ईरान ने जिन 9 अरब देशों पर हमला करने का लक्ष्य बनाया है, उन सभी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं. तेहरान अब इन सभी ठिकानों को नेस्तनाबूद करना चाहता है. जिसके लिए लगातार हमले भी किए जा रहे हैं. इन 9 देशों की लिस्ट में ईरान का सबसे पहला टारगेट इराक है, जो ईरान से लगभग 700 किलोमीटर की दूरी पर है. वहीं 750 किमी की दूरी पर स्थित कुवैत ईरान का दूसरा टारगेट है. इन दो के अलावा ईरान के निशाने पर बहरीन, कतर, सऊदी अरब, यूएई, ओमान, जॉर्डन और आखिरी इजरायल है. हालांकि ईरान के इस नए ऑपरेशन के जवाब में अमेरिका ने भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है.
अमेरिका उन्हीं जगहों पर हमले कर रहा है, जहां ईरान कर रहा है. इन हमलों से अमेरिका यही बताने की कोशिश कर रहा है कि ईरान द्वारा किए जा रहे हमले से उनका कोई खास नुकसान नहीं है. इसके अलावा अब अमेरिका ने अपने सबसे मजबूत हथियारों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है. अमेरिका ने पहली बार PrSM और ATACMS मिसाइल से ईरान के 12 शहरों को निशाना बनाया है. अमेरिका की ओर से किया गया यह सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है. ईरान ने अब इस युद्ध को अपने अस्तित्व की लड़ाई मान लिया है और लगातार हमले कर रहा है, वहीं अमेरिका भी ईरान को खत्म करने की तैयारी में है. इन दोनों देशों की वजह से अरब के 9 देशों में तबाही मची है और माना जा रहा है कि अगर समझौता नहीं होता है तो यह स्थिति गंभीर हो सकती है.