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जब अनुराधा पौडवाल के एक गाने पर गुलशन कुमार ने बना दी थीं 3 फिल्में, पढ़ें दिलचस्प किस्सा

हिंदी सिनेमा की मधुर आवाज वाली लीजेंडरी गायिका अनुराधा पौडवाल का नाम हर म्यूजिक लवर जानता है. उनकी मीठी और सुकून भरी आवाज ने दशकों तक लोगों के दिलों को छुआ है, लेकिन उनके करियर से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा है, जो काफी मजेदार है...

Shilpa Shrivastava
जब अनुराधा पौडवाल के एक गाने पर गुलशन कुमार ने बना दी थीं 3 फिल्में, पढ़ें दिलचस्प किस्सा
Courtesy: Pinterest

मुंबई: हिंदी सिनेमा की मधुर आवाज वाली लीजेंडरी गायिका अनुराधा पौडवाल का नाम हर म्यूजिक लवर जानता है. उनकी मीठी और सुकून भरी आवाज ने दशकों तक लोगों के दिलों को छुआ है, लेकिन उनके करियर से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प किस्सा है, जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. अनुराधा पौडवाल ने एक गाना गाया, जिसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा हुई कि कैसेट किंग गुलशन कुमार को तीन अलग-अलग फिल्में बनानी पड़ीं.

क्या था वो किस्सा?

पहले गुलशन कुमार मुख्य रूप से कैसेट बेचने का काम करते थे. वे अलग-अलग गानों के वर्जन रिकॉर्ड करवाते थे. एक दिन अनुराधा पौडवाल ने उनसे कहा, “आप सिर्फ पुराने गाने क्यों दोहराते रहते हैं? क्यों नहीं कुछ नये और ओरिजिनल अच्छे गाने जारी करते?” गुलशन कुमार ने पूछा, “ओरिजिनल गाने कौन देगा?” अनुराधा जी ने भरोसा दिलाया और कहा, “आप सिर्फ एक एल्बम के लिए मुझ पर विश्वास कीजिए.”

फिर अनुराधा पौडवाल आनंद-मिलिंद के पास गईं. उन्होंने मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी को बुलाया. इसी टीम ने पहला गाना तैयार किया – “क्या करते थे साजना…”. इस गाने के साथ एक और गाना भी उसी सेशन में रिकॉर्ड हो गया. जब ये गाने रेडियो पर चले तो तुरंत हिट हो गए. लोग इन्हें बार-बार सुनने लगे. गुलशन कुमार बहुत खुश हुए. उन्होंने अनुराधा से कहा कि ये 10 गाने हैं, हर गाना 10-10 मिनट का है. इन गानों के बीच थोड़ी-थोड़ी कहानी जोड़कर फिल्म बना दो.

इसी एक एल्बम के गानों के लिए तीन फिल्में बनीं:

  • लाल दुपट्टा मलमल का (1989)

  • जीना तेरी गली में (1991)

  • आई मिलन की रात (1991)

अनुराधा पौडवाल का शानदार करियर:

अनुराधा पौडवाल ने अपने पूरे सिंगिंग करियर में करीब 9,000 गाने गाए हैं. इनमें से लगभग 1,500 भजन हैं, जो ज्यादातर टी-सीरीज के बैनर तले गुलशन कुमार के साथ रिलीज हुए. उनकी आवाज में भक्ति, रोमांस और भावनाएं सब कुछ बखूबी समा जाती है. आज भी अनुराधा पौडवाल को सुनकर पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं. उनका यह किस्सा बताता है कि अच्छा गाना कितनी बड़ी ताकत रखता है, वो सिर्फ हिट नहीं होता, बल्कि पूरी फिल्में बना सकता है.