नई दिल्ली: बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बीएनपी नेता तारिक रहमान ने आज देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली. करीब 17 साल बाद वह बांग्लादेश लौटे हैं.
हाल ही में 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने शानदार जीत दर्ज की. पार्टी को संसद में स्पष्ट और मजबूत बहुमत मिला, जिसके बाद उनके प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया.
शपथ ग्रहण समारोह संविधान के नियमों के अनुसार, संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित किया गया. इस समारोह में राष्ट्रपति ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. और साथ ही नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को भी शपथ दिलाई गई. यह कार्यक्रम काफी भव्य रहा, जिसमें लगभग 1,200 मेहमान शामिल हुए. समारोह में देश-विदेश के कई प्रमुख लोग, पार्टी नेता और समर्थक मौजूद रहे.
प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान ने अपनी नई कैबिनेट की घोषणा भी कर दी है. इस मंत्रिमंडल में कुल 25 कैबिनेट मंत्री और 24 राज्य मंत्री शामिल किए गए हैं. उन्होंने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया है, ताकि सरकार में संतुलन और प्रतिनिधित्व बना रहे.
कैबिनेट मंत्रियों में प्रमुख नामों में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर (सेवानिवृत्त) हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद और मिजानुर रहमान मीनू शामिल हैं.
इसके अलावा निताई रॉय चौधरी, जो एक हिंदू नेता हैं, खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी और असदुल हबीब दुलु को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान, जो अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं. एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम और शेख रबीउल आलम भी कैबिनेट का हिस्सा होंगे.
इस नई सरकार से देश में राजनीतिक स्थिरता और विकास की उम्मीद की जा रही है. तारिक रहमान की वापसी और उनकी पार्टी की जीत को बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नई सरकार अपने वादों को किस तरह पूरा करती है और देश को आगे बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाती है.