आलीशान महल से सड़क पर लाने की तैयारी, स्विट्जरलैंड ने जब्त की निकोलस मादुरो की सारी संपत्ति
न्यूयॉर्क की अदालत में निकोलस मादुरो की पेशी के बीच अब यूरोप से उनके लिए एक और बुरी खबर आई है.
नई दिल्लीः न्यूयॉर्क की अदालत में निकोलस मादुरो की पेशी के बीच अब यूरोप से उनके लिए एक और बुरी खबर आई है. स्विट्जरलैंड की फेडरल काउंसिल ने सोमवार को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनसे जुड़े करीब 37 करीबियों की स्विट्जरलैंड में मौजूद सभी संपत्तियों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है.
क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
स्विस सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि मादुरो और उनके सहयोगी मौजूदा अस्थिर स्थिति का फायदा उठाकर स्विट्जरलैंड के बैंकों से अपना पैसा बाहर न निकाल सकें. यह फैसला 'फेडरल एक्ट ऑन द फ्रीजिंग एंड रेस्टीट्यूशन ऑफ इलिसिट एसेट्स' (FIAA) के तहत लिया गया है. इस फैसले से यह एसेट फ्रीज आज से अगले 4 साल तक के लिए लागू रहेगा. इसका सबसे बड़ा कारण मादुरो की अवैध तरीके से हासिल की गई संपत्ति को सुरक्षित रखना ताकि भविष्य में उसे वेनेजुएला के लोगों को लौटाया जा सके.
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
सोशल मीडिया पर पोस्टर कर जब @SwissGov ने यह बताया तो लोग दो हिस्सों में बट गए. एक हिस्से का कहना है कि जीता हुआ इंसान ही तय करता है सब कुछ. चाहे वो पैसे हो या जिंदगी. वहीं दूसरे यूजर ने पूछा कि ट्रंप और नेतन्याहू का क्या. वो लोग भी तो अपराधी हैं. वहीं तीसरे ने कहा कि ‘क्या तुम पागल हो?!?! तुम अब ऐसा कर रहे हो? वह ऐसा राष्ट्रपति है जिसे किडनैप कर लिया गया था और USA द्वारा वेनेजुएला पर हमले के दौरान उसके 60 स्टाफ को मार दिया गया था?! तुम डोनाल्ड ट्रम्प से जुड़े पैसे फ्रीज क्यों नहीं कर रहे हो? तुम्हें क्या हो गया है?!?!!!!!!!’.
वेनेजुएला की जनता को मिलेगा हक
फेडरल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यदि कानूनी कार्यवाही में यह साबित हो जाता है कि यह फंड भ्रष्टाचार या अवैध तरीकों से जुटाया गया था. तो स्विट्जरलैंड यह सुनिश्चित करेगा कि इस पैसे का लाभ केवल वेनेजुएला के नागरिकों को मिले. हालांकि, इस फैसले का असर वेनेजुएला की वर्तमान कार्यवाहक सरकार के सदस्यों पर नहीं पड़ेगा.
गिरफ्तारी के बाद मादुरो की मुश्किलें बढ़ीं
3 जनवरी को अमेरिकी सेना द्वारा काराकास से गिरफ्तार किए जाने के बाद मादुरो के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय साम्राज्य पर यह पहला बड़ा प्रहार है. स्विट्जरलैंड ने वेनेजुएला में शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन की अपील करते हुए एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की पेशकश भी की है.