US Israel Iran War

'समय जिसे नहीं मिटा सका, उसे ट्रंप क्या मिटाएंगे', ईरान ने US से तोड़े सभी कूटनीतिक रिश्ते; दिया करारा जवाब

डोनाल्ड ट्रंप की ईरानी सभ्यता को खत्म करने की धमकी के बाद तेहरान ने कड़ा पलटवार किया है. ईरान ने सभी कूटनीतिक रास्ते बंद कर दिए हैं और अमेरिका को 'अविस्मरणीय प्रहार' झेलने की चेतावनी दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: दुनिया इस समय एक विनाशकारी महायुद्ध की कगार पर खड़ी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद डरावनी चेतावनी देते हुए कहा है कि आज रात पूरी ईरानी सभ्यता का अंत हो सकता है. इस बयान ने वैश्विक राजनीति में भूचाल ला दिया है. जवाब में ईरान ने भी अपनी प्राचीन विरासत का हवाला देते हुए अमेरिका को न भूलने वाला सबक सिखाने की बात कही है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत के सारे दरवाजे अब पूरी तरह बंद हो चुके हैं.

ट्रंप की ताजा धमकी के बाद ईरान ने अमेरिका के साथ जारी सभी अप्रत्यक्ष संचार माध्यमों को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है. तेहरान का कहना है कि अब संदेशों के आदान-प्रदान का कोई अर्थ नहीं रह गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान अब किसी भी 'खाली वादे' के बदले सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए तैयार नहीं है. यह कड़ा रुख क्षेत्र में जारी तनाव को और अधिक गहरा और चिंताजनक बना रहा है.

ईरान का तीखा पलटवार

तुर्की में ईरानी दूतावास ने ट्रंप के बयान को एक 'मनोरोगी की धमकी' करार दिया है. उन्होंने ईरान के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि सिकंदर और मंगोलों ने भी इस भूमि को तबाह करने की कोशिश की थी, लेकिन ईरान आज भी अडिग है. ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उन पर हमला हुआ, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरानी प्राचीन सभ्यता की ओर से ऐसा करारा प्रहार झेलना होगा जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे.

बुनियादी ढांचे पर मंडराता खतरा

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना ईरान के हर पुल और बिजली संयंत्र को नष्ट करने की योजना बना रही है. कई विशेषज्ञों ने इस तरह के हमले को एक स्पष्ट युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है, क्योंकि इससे आम जनता का जीवन पूरी तरह से तबाह हो जाएगा. ट्रंप का मानना है कि ईरान में पूर्ण सत्ता परिवर्तन के बाद ही कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत हो सकता है, लेकिन फिलहाल वे सैन्य कार्रवाई की धमकी पर अड़े हुए हैं.

खार्ग द्वीप पर भीषण हमले

जमीनी हकीकत यह है कि 28 फरवरी से ही अमेरिकी और इजरायली विमान ईरान पर लगातार बमबारी कर रहे हैं. मंगलवार को ट्रंप की अंतिम चेतावनी से पहले ही तेहरान ने पुष्टि की कि उनका प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल, खार्ग द्वीप, भीषण हमले की चपेट में है. यह टर्मिनल ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है. तेल के बुनियादी ढांचे को सीधे निशाना बनाना इस बात का संकेत है कि यह युद्ध अब एक निर्णायक मोड़ ले चुका है

संघर्ष विराम की धुंधली उम्मीदें 

ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे अमेरिका का दबाव और केवल अस्थायी संघर्ष विराम मंजूर नहीं है, बल्कि वह युद्ध का पूर्ण अंत चाहता है. ट्रंप द्वारा दिए गए प्रस्तावों को ईरान ने 'अवास्तविक' बताकर खारिज कर दिया है. जहां एक ओर ट्रंप ने आखिरी समय में किसी चमत्कारिक समझौते की संभावना का द्वार खुला रखा है, वहीं दूसरी ओर उनकी विनाशकारी सैन्य धमकियों ने दुनिया को कयामत की रात की ओर धकेल दिया है.