कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दिल्ली तलब किए गए

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है. जानिए सत्ता परिवर्तन, कैबिनेट फेरबदल और राजनीतिक रणनीति पर क्या चर्चा संभव है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं. कांग्रेस आलाकमान ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को दिल्ली तलब किया है. दोनों नेता आलाकमान से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चा करेंगे. आलाकमान से मुलाकात के दौरान कर्नाटक में राज्य सभा की तीन सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर भी रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है. इसके साथ ही विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी. हालांकि कांग्रेस आलाकमान से अधिकारिक तौर पर ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार किया जा रहा है, लेकिन सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है.

26 मई को सुबह 11 बजे होगी मीटिंग

एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक सिद्धारमैया से दिल्ली बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंंने पत्रकारों से कहा है कि 26 मई को सुबह 11 बजे आलाकमान ने मीटिंग के लिए दिल्ली बुलाया है. उन्होंने बताया कि पार्टी महा‌सचिव केसी वेणुगोपाल ने उन्हें फोन करके बैठक के तारीख और समय के बारे में बताया गया है. बैठक के एजेंडे में अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है. जब पत्रकारों ने उनसे नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर सवाल किया तो सिद्धारमैया ने कहा- चर्चाएं तो चलती रहती हैं. हालांकि उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का दावा किया है, लेकिन साथ ही आलाकमान के निर्णय का पालन करने की बात भी कही.

सरकार के कार्यकाल के तीन साल पूरे

कर्नाटक सरकार के कार्यकाल को 20 मई को तीन साल पूरे हो चुके हैं, इसलिए माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान नेतृत्व परिवर्तन पर कोई निर्णय ले सकता है। इस सवाल पर उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि अगर मुझे बुलाया जाता है तो मीटिंग में जरूर पहुंचूंगा. बता दें कि शिवकुमार के समर्थक लगातार उनके प्रमोशन की मांग कर रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि 2023 में जब पार्टी की जीत के बाद कर्नाटक में सरकार बनी थी तो सत्ता शेयरिंग समझौता हुआ था, समझौते के मुताबिक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.

कैबिनेट में फेरबदल की भी उठ रही मांग

कांग्रेस के विधायक कर्नाटक केबिनेट में फेरबदल की भी मांग कर रहे हैं। विधायकों का कहना है कि 2028 चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के लिए ऐसा करना जरूरी है. विधायकों का कहना है कि सरकार को तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है, ऐसे में दूसरे विधायकों को मौका दिए जाने के लिए केबिनेट में फेरबदल जरूरी है. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कुछ विधायक मंत्रीमंडल में जगह पाने के इरादे से दिल्ली भी गए थे. पार्टी के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया केबिनेट में फेरबदल के पक्षधर हैं, जबकि डीके शिवकुमार चाहते हैं कि पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला हो.