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India Daily

अलेप्पो की जंग खत्म! शेख मकसूद पर सीरियाई सेना का कब्जा, 300 कुर्द हिरासत में

सीरिया की सरकारी सेना ने अलेप्पो के शेख मकसूद इलाके पर नियंत्रण हासिल कर लिया है. कुर्द लड़ाकों को बाहर निकाला गया और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया. कई दिनों की हिंसा के बाद हालात काबू में आए.

Kanhaiya Kumar Jha
अलेप्पो की जंग खत्म! शेख मकसूद पर सीरियाई सेना का कब्जा, 300 कुर्द हिरासत में
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: सीरिया के उत्तरी शहर अलेप्पो में लंबे समय से जारी संघर्ष के बाद सरकार को बड़ी सफलता मिली है. शेख मकसूद इलाका, जो अब तक सरकारी नियंत्रण से बाहर था, रविवार को सेना के कब्जे में आ गया. इस कार्रवाई के साथ ही अलेप्पो पूरी तरह राज्य के नियंत्रण में आ गया. कुर्द लड़ाकों को हटाया गया, बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और हजारों विस्थापित नागरिकों के लौटने की उम्मीद जगी है.

रविवार को सीरियाई सुरक्षा बलों ने शेख मकसूद इलाके में पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया. यह इलाका अलेप्पो का आखिरी हिस्सा था जो सरकारी दायरे से बाहर था. आंतरिक मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, 360 कुर्द लड़ाकों और 59 से अधिक घायलों को रातोंरात पूर्वोत्तर सीरिया के कुर्द-प्रशासित इलाकों में भेजा गया. इसके साथ ही करीब 300 कुर्दों को हिरासत में लिया गया.

बसों में निकाले गए लड़ाके, ऑपरेशन रोका गया

खबर एजेंसियों के मुताबिक, रात के समय बसों में भरकर पुरुषों को सरकारी सुरक्षा में इलाके से बाहर ले जाया गया. इसके बाद सरकारी टीवी ने बताया कि सैन्य अभियान रोक दिए गए हैं. संघर्ष के कारण विस्थापित हुए सैकड़ों लोग अब अपने घरों में लौटने के लिए इलाके के प्रवेश द्वारों पर इंतजार करते दिखे.

कई दिनों की झड़पों में भारी नुकसान

सरकारी बलों और कुर्द लड़ाकों के बीच कई दिनों तक चली झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए. शनिवार से सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया और नागरिकों को घरों में रहने की चेतावनी दी. दो कुर्द लड़ाकों ने घिरने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया, हालांकि इससे किसी अन्य को नुकसान नहीं पहुंचा.

ड्रोन हमला और आरोप-प्रत्यारोप

संघर्ष के बीच अलेप्पो गवर्नरेट भवन पर विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ. यह हमला उस समय हुआ जब दो मंत्री और एक स्थानीय अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. सरकारी टीवी ने इसके लिए कुर्द लड़ाकों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि कुर्द नेतृत्व ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि वे नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाते.

राजनीतिक बातचीत ठप, मानवीय संकट गहराया

यह हिंसा तब शुरू हुई जब दमिश्क और सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के बीच कुर्द बलों को राष्ट्रीय सेना में शामिल करने पर बातचीत विफल हो गई. पांच दिनों की झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई और 1.4 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रयास तेज हैं ताकि संघर्षविराम बना रहे और हालात सामान्य हों.