शहबाज और मुनीर का सख्त संदेश, हूतियों को ललकार; क्या ईरान से भिड़ेगा पाकिस्तान?

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों को लेकर दी गई धमकियों पर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया है. इस्लामाबाद ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए साफ किया है कि समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए वह सभी आवश्यक कदम उठाएगा.

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Shanu Sharma

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब और लाल सागर में जहाजों को लेकर दी गई धमकियों पर पाकिस्तान ने कड़ा विरोध जताया है. इस्लामाबाद ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए साफ किया है कि समुद्री हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए वह सभी आवश्यक कदम उठाएगा.

ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब और लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की धमकी के बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

पाकिस्तान ने क्या कहा?

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि सऊदी अरब के साथ व्यापारिक जहाजों और समुद्री मार्गों को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे कदम पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं.


विदेश कार्यालय ने कहा कि सऊदी अरब के बंदरगाहों तक पहुंच रोकने या समुद्री नाकाबंदी लागू करने की किसी भी कोशिश से नौवहन की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों या देश के समुद्री हितों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा खतरा माना जाएगा.

समुद्री हितों की रक्षा के लिए सभी विकल्प खुले

पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने समुद्री हितों और राष्ट्रीय संपत्तियों की रक्षा के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. इसमें आत्मरक्षा का अधिकार भी शामिल है. इस बयान को क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है.

इस्लामाबाद ने एक बार फिर सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी हाल के दिनों में हूती मिसाइल हमलों की निंदा कर चुके हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में सऊदी अरब का समर्थन कर चुके हैं.

क्या बढ़ेगा ईरान और पाकिस्तान के बीच तनाव?

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के दौरान पाकिस्तान अब तक संतुलित भूमिका निभाने की कोशिश करता रहा है. हालांकि सऊदी अरब के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धताओं के कारण उसकी तटस्थ नीति पर सवाल उठने लगे हैं. चूंकि हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है, इसलिए यदि पाकिस्तान उनके खिलाफ किसी भी तरह की प्रत्यक्ष कार्रवाई करता है तो इससे ईरान के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ सकता है.

हूतियों की ताजा धमकियों के बाद लाल सागर में सुरक्षा चिंताएं और गहरा गई हैं. हाल ही में सऊदी कच्चा तेल लेकर जा रहे तीन टैंकरों ने अपना मार्ग बदल दिया. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण पहले से प्रभावित इस समुद्री क्षेत्र में अब नए घटनाक्रम ने वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है.