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हाई प्रोफाइल मर्डर केस, जिसने बदल दिया इस देश का कानून

Kazakhstan Murder Case: कजाखस्तान में एक हाई प्रोफाइल मर्डर केस ने देश में घरेलू हिंसा को रोकने के लिए मौजूद पुराने कानून को बदलने पर मजबूर कर दिया. पीड़िता कजाखस्तान के पॉलिटिशियन की पत्नी थी.

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Saltanat Nukenova high profile murder case changed Kazakhstan domestic violence law Kuandik Bishimba

Kazakhstan Murder Case: कजाखस्तान में एक महिला की हत्या ने वहां के कानून को बदलने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, घरेलू हिंसा की शिकार महिला की हत्या के आरोप में कजाख्तान के पूर्व मंत्री और मृतका के पति को गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी ठहराया है. इस बीच कजाख्तान में घरेलू हिंसा को रोकने के लिए नया कानून लाया गया है.

कजाखस्तान में भले ही महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए नया कानून लाया गया है, लेकिन कई लोगों का सवाल है कि क्या नए कानून से अन्य पीड़िताओं को भी इंसाफ मिल सकेगा. आइए, अब कजाखस्तान के हाई प्रोफाइल मर्डर केस के बारे में जान लेते हैं.

दरअसल, देश के कद्दावर पूर्व मंत्री कुआंडिक बिशिम्बायेव पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पत्नी सल्तनत नुकेनोवा की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. पूरा मामला घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में कैद भी हो गई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना के एक रेस्तरां में लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि पूर्व मंत्री कुआंडिक बिशिम्बायेव अपनी पत्नी सल्तनत की लात घूसों से पिटाई कर रहे हैं. वे पत्नी के बाल खींच कर घसीट रहे थे. फुटेज के अलावा, पूर्व मंत्री के मोबाइल से कुछ फुटेज भी मिले, जिसे कोर्ट में तो पेश किया गया, लेकिन उन फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया गया.

सल्तनत के सिर पर लगी गहरी चोट से हुई थी मौत

कोर्ट में पेश की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट में कहा गया कि सल्तनत के सिर में गहरी चोट लगी थी, सिर में 230 एमएल खून जमा हो गया था. कोर्ट को बताया गया कि गला दबाने के भी संकेत मिले थे. कोर्ट ने तमाम सबूतों के आधार पर पूर्व मंत्री और मृतका के पति को 24 साल जेल की सजा सुनाई. इसके अलावा, जिस रेस्तरां में ये घटना घटी वहां के डायरेक्टर बाखित्जान बैझानोव आरोपी बिशिम्बायेव के रिश्तेदार थे. उन्हें जुर्म को छुपाने के लिए चार साल की सज़ा हुई. हालांकि, कोर्ट में सवाल जवाब के दौरान उन्होंने कहा कि बिशिम्बायेव ने उन पर सीसीटीवी फुटेज को डिलीट करने का दबाव डाला था. रिपोर्ट के मुताबिक, कज़ाखस्तान में हर साल सैकड़ों महिलाएं अपने पार्टनर के हाथों मारी जाती हैं. 

संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, कजाखस्तान में घरेलू हिंसा के 4 में से केवल एक मामला ही कोर्ट तक पहुंचता है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, हर साल करीब 400 महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं. कज़ाख होम मिनिस्ट्री के मुताबिक, 2018 से 2022 के बीच देश में घरेलू हिंसा के मामलों में 141.8% की बढ़ोतरी हुई है.

कौन थीं सल्तनत?

कज़ाख़स्तान के पावलोदार शहर में मृतका सल्तनत का बचपन बीता था. शुरुआती पढ़ाई के बाद सल्तनत राजधानी अस्ताना चली गईं. यहां वे अपने भाई ऐटबेक अमानगेल्डी के साथ रहती थीं. ऐटबेक ने बताया कि शादी के एक साल बाद ही उनकी बहन की हत्या कर दी गई. विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सल्तनत के दोषी पति बिशिम्बायेब का आपराधिक इतिहास रहा है. रिश्वत के एक मामले में 2017 में उन्हें 10 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी. 

जब बिशिम्बायेब को जमानत मिली थी, तब सल्तनत ज्योतिष के तौर पर काम करती थी. ऐटबेक ने बताया कि जमानत के बाद बिशिम्बायेव ने सल्तनत से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उस वक्त सल्तनत ने मुलाकात से इनकार कर दिया था. हालांकि, बिशिम्बायेब लगातार सल्तनत से मिलने की कोशिश करते रहे. कहीं से उसे सल्तनत का नंबर भी मिल गया. इसके बाद बिशिम्बायेब ने सल्तनत को कई मैसेज किए और अपने ऊपर लगे आरोपों पर भरोसा न करने को कहा. इसके बाद सल्तनत ने बिशिम्बायेब पर भरोसा कर लिया और दोनों की मुलाकात हुई. फिर दोनों ने शादी कर ली. लेकिन शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों में झगड़े शुरू हो गए.

घरेलू हिंसा को रोकने को लेकर क्या है नया कानून?

कजाखस्तान में घरेलू हिंसा को रोकने को लेकर लाए गए नए कानून को ‘सल्तनत क़ानून’ नाम दिया गया है. इस कानून के तहत अब घरेलू हिंसा को आपराधिक होने की व्याख्या करता है. नए कानून से पहले घरेलू हिंसा को सामान्य अपराध माना जाता था. नए कानून के बनने के बाद अब घरेलू हिंसा के मामलों में पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज किया जाएगा.