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'ड्रीम टीचर' ने नाबालिग को बनाया हवस का शिकार, 11 साल के छात्र से जबरदस्ती कराया घिनौना काम, अब मिला कर्मों का फल

रूस के लेनिनग्राद क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जहां, अन्ना प्लाक्स्युक नाम की 27 वर्षीय विवाहित स्कूल टीचर को 11 साल के एक छात्र का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में 9 साल की जेल की सजा सुनाई गई है.

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Princy Sharma

रूस के लेनिनग्राद क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जहां, अन्ना प्लाक्स्युक नाम की 27 वर्षीय विवाहित स्कूल टीचर को 11 साल के एक छात्र का यौन उत्पीड़न करने के जुर्म में 9 साल की जेल की सजा सुनाई गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लाक्स्युक ने बच्चे को अपने प्राइवेट पार्ट छूने के लिए मजबूर किया और उसे होंठों पर किस किया.

अदालत में बताया गया कि पहले पैरेंट्स के बीच 'ड्रीम टीचर' के रूप में जानी जाने वाली प्लाक्स्युक कक्षा के बाद छात्र को रोकती थी और उसके कपड़ों के ऊपर से बच्चे के प्राइवेट पार्ट को टच करती थी. इतना ही नहीं, उसने बच्चे को अपनी न्यूड तस्वीरें भी भेजीं और बदले में उससे भी ऐसी तस्वीरें भेजने की मांग की.

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

पीड़ित की मां को अपने बेटे के व्हाट्सएप पर टीचर और उसके बीच आपत्तिजनक संदेश और तस्वीरें मिलीं .इसके बाद उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग के बाहरी इलाके टोक्सोवो शहर के स्कूल प्रिंसिपल को इसकी सूचना दी. उन्होंने प्लाक्स्युक पर लगातार छेड़छाड़ का आरोप लगाया.

टीचर ने बच्चे पर लगाया उल्टा आरोप

जब यह घिनौना मामला सामने आया, तो टीचर ने उल्टा बच्चे पर नवंबर 2023 में दुर्व्यवहार शुरू करने का आरोप लगाया, जो पकड़े जाने से पहले चार महीने तक जारी रहा. प्लाक्स्युक ने पुलिस को बताया कि घटना शुरू होने से पहले के महीनों में बच्चे ने उसकी तारीफ की थी.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई माता-पिता इन खुलासों से हैरान थे और उन्हें टीचर पर लगे आरोपों पर विश्वास नहीं हो रहा था. सहयोगियों ने कहा कि ऐसी किसी अंधेरी हकीकत का कोई संकेत नहीं मिला था.

एक साल से प्री-ट्रायल हिरासत में थी टीचर

प्लाक्स्युक को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था और वह पिछले एक साल से प्री-ट्रायल हिरासत में थी. रिहाई के बाद उसे एक अतिरिक्त वर्ष के लिए पढ़ाने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है. इस घटना ने पूरे रूस में शिक्षा जगत को हिला कर रख दिया है और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वे किसे अपने बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा सौंप रहे हैं.