रूसी कोर्ट का तानाशाही फरमान, जंग की निंदा करने पर दे दी इतने साल की सजा
Russia News: रूसी अदालत ने देश के शीर्ष मानवाधिकार कार्यकर्ता को जेल की सजा सुनाई है. कार्यकर्ता ने यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा की थी.
Russia News: रूस की एक अदालत ने अपने तानाशाही फरमान में जंग की निंदा करने के आरोप में 2.5 साल की सजा सुना दी. रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को रूस के शीर्ष मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रचारक ओलेग ऑर्लोव को 2.5 साल की सजा सुना दी. ऑर्लोव ने रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले की निंदा की गई थी.
70 वर्षीय ऑर्लोव क्रेमलिन के लंबे समय से निशाने पर थे. क्रेमलिन द्वारा लगातार उनके क्रियाकलापों पर नजर रखी जा रही थी. अदालत ने उन्हें निंदा के अपराध में दोषी माना और 2.6 साल की सजा सुना दी. ऑर्लोव को जनरल पीनल कालोनी में अपनी सजा को पूरा करना होगा.
रिपोर्ट के अनुसार, जैसे ही जज द्वारा फैसला पढ़ा जाने लगा वैसे ही उन्होंने अपनी पत्नी और मानवाधिकार कार्यकर्ता तात्याना की ओर इशारा किया. कस्टडी के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को अपने पास बुलाया और कहा कि मानवाधिकारों की लड़ाई रुकनी नहीं चाहिए मुझसे यह वादा करो.
ऑर्लोव को सजा सुनाए जाने के बाद सैकड़ों समर्थक अपने नेता को विदाई देने के लिए कोर्ट रूम के बाहर इकट्ठे हुए थे. समाचार एजेंसी एएफपी को एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन पर चल रहे मुकदमे की सजा उन्हें मालूम है. उन पर फ्रांसीसी आउटलेट में रूसी सेना को बदनाम करने के लिए कॉलम लिखने का भी आरोप है.
नोबेल प्राइज विनर समूह के कार्यकर्ता ओलेग ऑर्लोव लंबे समय से रूसी मानवाधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी है. उनके समूह को कम्युनिस्ट उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जाना जाता है. रूसी प्रशासन ने साल 2021 में इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था.