T20 World Cup 2026: क्या ICC ने PCB पर लगाया एक साल का प्रतिबंध? इस दावे की सच्चाई में कितना दम

एक एक्स यूजर ने दावा किया कि आईसीसी ने पीसीबी पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है और पीएसएल को भी बैन कर दिया गया है.

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Anuj

नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत और पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. पाकिस्तान सरकार के निर्देश पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर आईसीसी द्वारा पीसीबी पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाने के दावे तेजी से वायरल हुए. हालांकि, जांच में साफ हुआ है कि ऐसे दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं.

पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगा, लेकिन टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले खेलेगा. नियमों के मुताबिक, ऐसा करने पर पाकिस्तान को उस मैच के दो अंक गंवाने होंगे. इसके अलावा अभी तक आईसीसी की ओर से किसी अतिरिक्त कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सोशल मीडिया पर वायरल फर्जी दावा

एक एक्स यूजर ने दावा किया कि आईसीसी ने पीसीबी पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है और पीएसएल को भी बैन कर दिया गया है. और साथ ही राजस्व हिस्सेदारी घटाने और 2040 तक टूर्नामेंट न देने की बात कही गई. यह पोस्ट लाखों बार देखी गई, लेकिन इसका कोई आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोत नहीं है.

आईसीसी ने क्या कहा?

आईसीसी ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उसे पीसीबी से चयनित भागीदारी को लेकर कोई औपचारिक पत्र नहीं मिला है. और साथ ही यह भी कहा गया कि किसी वैश्विक टूर्नामेंट में सभी टीमों से समान शर्तों पर खेलने की अपेक्षा की जाती है. आईसीसी ने पाकिस्तान को इस फैसले के दीर्घकालिक प्रभावों पर विचार करने की सलाह दी है.

बैक चैनल बातचीत का प्रयास

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईसीसी और पीसीबी के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है. दोनों पक्ष इस गतिरोध को सुलझाने के रास्ते तलाश रहे हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में इस मामले पर कोई ठोस और आधिकारिक घोषणा की जा सकती है.

बड़ा दांव और मौजूदा स्थिति

भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 15 फरवरी 2026 को होना तय है, जिसकी कीमत करीब 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी जा रही है. ऐसे में दांव बेहद ऊंचा है. फिलहाल आईसीसी ने केवल अंकों की कटौती को ही स्पष्ट किया है. सोशल मीडिया पर फैल रहे प्रतिबंधों के दावे पूरी तरह फर्जी हैं.