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India Daily

2050 में इन देशों में होंगे सबसे ज्यादा हिंदू, मुस्लिम आबादी पकड़ेगी रफ्तार, घट जाएंगे ईसाई

Religious population figures will change in 2050: रिपोर्ट में बताया गया था कि किस रफ्तार के साथ हिंदू, इस्लाम और ईसाई धर्म में परिवर्तन होगा. इस शोध के जरिए अमेरिकी थिंक टैंक ने ये समझने की कोशिश की थी आखिर 2050 में किस कितने फीसदी हिंदू, मुस्लिम और ईसाई होंगे.

Gyanendra Tiwari
2050 में इन देशों में होंगे सबसे ज्यादा हिंदू, मुस्लिम आबादी पकड़ेगी रफ्तार, घट जाएंगे ईसाई

हाइलाइट्स

  • अमेरिका में हर साल 20 हजार लोग अपना रहे हैं इस्लाम
  • 2050 तक बदल जाएगा धार्मिक धार्मिक जनसंख्या का आंकड़ा

Religious population figures will change in 2050: दुनिया की आबादी में बड़ा बदलाव आने वाला है. जिस रफ्तार से जनसंख्या बढ़ रही है वह पृथ्वी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. बढ़ती आबादी के आंकड़े बढ़ने के साथ धार्मिक बदलाव भी देखने को मिल रहा है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि अमेरिका में हर साल 20 हजार लोग इस्लाम धर्म अपना रहे हैं. 2015 में अमेरिकी थिंक टैंक व्यू रिसर्च सेंटर ने एक शोध किया था. शोध में 2050 में धार्मिक आबादी को लेकर कई बड़े खुलासे किए गए थे. रिपोर्ट में बताया गया था कि किस रफ्तार के साथ हिंदू, इस्लाम और ईसाई धर्म में परिवर्तन होगा. इस शोध के जरिए अमेरिकी थिंक टैंक ने ये समझने की कोशिश की थी आखिर 2050 में किस कितने फीसदी हिंदू, मुस्लिम और ईसाई होंगे.

15 फीसदी लोग होंगे हिंदू
2015 में हुए इस शोध में पाया गया था कि 2050 विश्व भर में हिंदू धर्म को मानने वालों की आबादी में इजाफा होगा. रिपोर्ट की मानें तो 21 सदी के 50 दशक पूरे होने तक हिंदू धर्म को मानने वाली आबादी पूरी दुनिया की 15 फीसदी होगी. यानी अगर 2050 में दुनिया की जनसंख्या  100 होगी तो उसमें से 15 लोग हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे.
 

 


भारत में सबसे ज्यादा हिंदू 
वहीं, बात करें अगर भारत की तो भारत में 2050 में हिंदू आबादी करीब एक अरब 29 करोड़ 70 लाख होगी. भारत में 79 फीसदी लोग हिंदू धर्म को मानने वाले हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा हिंदू भारत में ही रहते हैं. वहीं, भारत के बाद सबसे ज्यादा हिंदू नेपाल में रहते हैं. नेपाल में 28,600,000 हिंदू हैं.

2015 में अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा हिंदू भारत में होंगे. भारत के बाद नेपाल में. 2011 की जनगणना में नेपाल की जनसंख्या में 81.3 फीसदी हिंदू थे. एक समय था जब 2006 से पहले नेपाल हिंदू राष्ट्र था. लेकिन सत्ता परिवर्तन के चलते वह धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बन गया. 2050 में नेपाल में हिंदू आबादी और बढ़ेगी.

नेपाल के बाद बांग्लादेश में भी 2050 तक हिंदुओं की आबादी और बढ़ जाएगी. बांग्लादेश में हिंदू आबादी 13,790,000 है. बांग्लादेश की जनसंख्या में हिंदू लगभग 8.96 फीसदी हैं.

वहीं, बात करें दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया की तो यहां 4,210,000 हिंदू हैं. हमारे पड़ोसी पाकिस्तान में 3,990,000 हिंदू हैं. पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. यहां लगातार हिंदुओं की आबादी घटती जा रही है. पाकिस्तान में हिंदू आबादी पर संकट मंडरा रहा है. श्रीलंका में 3,090,000, मलेशिया में 1,940,000, यूनाइटेड किंगडम में 1,030,000 हिंदू हैं.
 
प्‍यू रिसर्च सेंटर ने ‘रिलिजियस लैंडस्केप स्टडी’ के तहत निकाले आबादी को लेकर डाटा में बताया था कि 2050 में अमेरिका में 2050 तक 47.8 लाख लोग हिंदू धर्म को मानने वाले होंगे. अभी अमेरिका में 2,510,000 हिंदू है.

भारत और नेपाल के बाद मॉरिस की आबादी में सबसे ज्यादा हिंदुओं का प्रतिशत है. मॉरीशस की  12.7 लाख की आबादी में 70 फीसदी हिंदू हैं. आने वाले समय में इन देशों में हिंदुओं की जनसंख्या बढ़ेगी.

मुस्लिम और ईसाई आबादी
अमेरिकी थिंक टैंक की 2015 की रिपोर्ट के अनुसार 2050 तक मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ेगी. इंडोनेशिया, पाकिस्तान अरब समेत अन्य देशों में मुस्लिम आबादी की बढ़ोतरी होगी.  दुनिया की 7.6 बिलियन आबादी में 1.9 बिलियन आबादी मुस्लिम है. ये करीब 25 फीसदी के आसपास है. वर्तमान से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में किस तरह से मुस्लिम आबादी बढ़ेगी. वहीं, पूरी दुनिया में करीब 2.38 बिलियन ईसाई हैं. लेकिन अमेरिकी थिंक टैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2050 तक कम होगी. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 2050 ईसाई और मुस्लिम आबादी लगभग-लगभग बराबर हो जाएगी.