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मौत के बाद खामेनेई के अकाउंट से शेयर की गई कुरान की ये आयत हो रही वायरल, अमेरिका-इजरायल के लिए मिले चुनौती के संकेत

अली खामेनेई की मौत के बाद उनके एक्स-अकाउंट से कुरान की एक आयत शेयर की गई, जिसे US और इजराइल के लिए एक मैसेज के तौर पर देखा जा रहा है. ईरान में नई लीडरशिप को लेकर चर्चा तेज हो गई है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
मौत के बाद खामेनेई के अकाउंट से शेयर की गई कुरान की ये आयत हो रही वायरल, अमेरिका-इजरायल के लिए मिले चुनौती के संकेत
Courtesy: @khamenei_ir x account

नई दिल्ली: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अब उनके वारिस को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. इस बीच अयातुल्ला अली खामेनेई के अपने सोशल मीडिया अकाउंट से उनकी मौत के संकेत मिले. खामेनेई के एक्स-अकाउंट से कुरान की एक आयत शेयर की गई, जिसमें उन्हें शहीद बताया गया. 

कुरान की एक आयत शेयर करते हुए इसमें कहा गया है, 'ईमान वालों में कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने अल्लाह से किया वादा ईमानदारी से पूरा किया है. उनमें से कुछ ने अपना वादा (शहादत पाकर) पूरा किया और कुछ अभी भी इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने अपना इरादा नहीं बदला है.'

आयत के माध्यम से क्या बताया गया?

यह आयत कुरान से है. इस तरह खामेनेई की मौत खामेनेई के बयान से पक्की हो जाती है. उन्हें अल्लाह की राह में शहीद भी बताया गया है. इस आयत का इस्तेमाल करके अमेरिका और इजराइल को भी चुनौती दी गई है. इसमें कहा गया है कि कुछ अभी भी इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने अपना इरादा नहीं बदला है. यह कोशिश अमेरिका और इजराइल को यह मैसेज देने की है कि ईरान पहले की तरह ही मजबूत और पक्का इरादा रखता है. उसके रवैये में कोई बदलाव नहीं होगा.

किसको सौंपी जाएगी सत्ता की बागडोर?

इस तरह ईरान में सरकार बदलने की चाहत रखने वाले अमेरिका को भविष्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. यह मुहिम उनके लिए आसान नहीं होगी. इस बीच ऐसी खबरें हैं कि अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान में सत्ता की बागडोर सौंपी जा सकती है. 

अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा?

अगर ऐसा होता है तो यह यूनाइटेड स्टेट्स के लिए एक झटका होगा, जो उम्मीद कर रहा है कि खामेनेई की मौत के बाद वह अपने किसी लीडर को सत्ता सौंप देगा. रेजा पहलवी इस रेस में सबसे आगे रहे हैं. वह यूनाइटेड स्टेट्स में रहते हैं और शाह मोहम्मद रेजा पहलवी के बेटे हैं, जिन्होंने इस्लामिक क्रांति से पहले राज किया था. वह दशकों से यूनाइटेड स्टेट्स में रह रहे हैं.

ईरान का लंबे समय से यूनाइटेड स्टेट्स से झगड़ा रहा है. इसके अलावा यह मिडिल ईस्ट का अकेला ऐसा देश रहा है जिसने इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स दोनों को एक साथ चुनौती दी है. अब ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या के बाद दुनिया देख रही है कि बागडोर कौन संभालेगा और वे अमेरिका के प्रति क्या रुख अपनाएंगे.