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गिलगित-बाल्टिस्तान में बवाल, Gen-Z के नेतृत्व में सड़कों पर उतरा लोगों का सैलाब; पाकिस्तान में बड़े भूचाल के संकेत!

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में कार्यवाहक सरकार के गठन को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध शुरू हो गया है. युवा संगठनों और विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक नियुक्तियां चुनावों की निष्पक्षता को कमजोर कर रही हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में एक बार फिर राजनीतिक तनाव तेज हो गया है. कार्यवाहक सरकार के मंत्रिमंडल गठन ने युवाओं, विपक्षी दलों और आम नागरिकों को सड़कों पर ला दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अंतरिम व्यवस्था को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है ताकि आने वाले चुनावों को प्रभावित किया जा सके. बढ़ते धरनों, गिरफ्तारियों और विरोध के बीच चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

गिलगित के चिनारबाग से शुरू हुआ विरोध अब घांचे, नगर और शिगार तक फैल चुका है. जीबी यूथ मूवमेंट के नेतृत्व में बड़ी संख्या में Gen-Z कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. उनका कहना है कि कार्यवाहक सरकार का गठन जनता की इच्छा के खिलाफ किया गया है. धरनों और रैलियों ने पूरे क्षेत्र में सियासी माहौल को गर्म कर दिया है.

कार्यवाहक कैबिनेट पर पक्षपात के आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कैबिनेट में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जिनके पुराने राजनीतिक संबंध रहे हैं. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार कई नियुक्त सदस्य पहले सरकारों में पद संभाल चुके हैं. युवाओं और विपक्ष का कहना है कि यह कदम तटस्थ अंतरिम शासन की भावना के बिल्कुल खिलाफ है. इससे चुनावों में हेरफेर की आशंका बढ़ गई है.


गिरफ्तारियां और बढ़ता तनाव

चिनारबाग में धरना जब रिवर रोड तक पहुंचा तो यातायात बाधित हो गया. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीबी यूथ मूवमेंट के अध्यक्ष समेत आठ लोगों को हिरासत में ले लिया. इन गिरफ्तारियों की कई राजनीतिक दलों ने निंदा की. विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया और तुरंत रिहाई की मांग की.

विपक्षी नेताओं की खुली चेतावनी

जीबी यूथ मूवमेंट के अध्यक्ष अजफर जमशेद ने कहा कि अगर युवाओं को परामर्श प्रक्रिया से बाहर रखा गया तो आंदोलन और तेज होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध PoGB से बाहर भी फैल सकता है. पूर्व विधायक सुल्तान अली खान और अवामी एक्शन कमेटी के नेता जाकिर हुसैन काजिम ने मंत्रिमंडल को अप्रतिनिधि बताया.

चुनावी विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री और PML-N PoGB अध्यक्ष हाफिज उर रहमान ने कहा कि सभी जिलों का प्रतिनिधित्व जरूरी है. उन्होंने राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों को कैबिनेट में शामिल करने पर आपत्ति जताई. नेताओं का कहना है कि असंतुलित और पक्षपाती अंतरिम व्यवस्था से जनता का चुनावी प्रक्रिया पर भरोसा टूट सकता है. मौजूदा हालात PoGB में गंभीर राजनीतिक संकट की ओर इशारा कर रहे हैं.