Cop-28: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू ने दुबई में आयोजित कॉप-28 शिखर सम्मेलन के अवसर पर मुलाकात की है. इस दौरान दोनों देशों ने आपसी साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कोर ग्रुप स्थापित करने पर सहमति जाहिर की है. बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय वार्ता को मजबूत करने पर चर्चा हुई है. यह पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मुइजू की पहली बैठक है.
बैठक के बाद मोदी ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "राष्ट्रपति मुइज्जू और मेरी आज एक सार्थक बैठक हुई. हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-मालदीव मित्रता को बढाने पर चर्चा की है. हम अपने लोगों के लाभ के लिए सहयोग को प्रगाढ़ करने के लिए साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं." पीएम कार्यालय के अनुसार दोनों नेताओं ने आर्थिक संबंधों, विकास सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों से संबंधित क्षेत्रों में भारत-मालदीव संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के तरीकों पर चर्चा की है.
मुइज्जू मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के करीबी सहयोगी हैं. यामीन ने 2013 से 2018 तक राष्ट्रपति पद पर रहते हुए चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए थे. मुइज्जू ने सितबंर 2023 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भारत के करीबी मित्र माने जाने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को परास्त किया था. इस पर मोदी ने मालदीव के राष्ट्रपति को शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी.
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रपति मुइज्जू ने कुछ दिन पहले 77 भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने का भारत से अनुरोध किया था और दोनों देशों के बीच 100 से अधिक द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा करने का निर्णय लिया था.
मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का प्रमुख समुद्री पड़ोसी है और प्रधानमंत्री के 'सागर' और 'पड़ोसी प्रथम नीति' के दृष्टिकोण में एक विशेष स्थान रखता है.