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इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से भी हाथ लगी निराशा, SC ने वापस लौटायी याचिका

Imran Khan: तोशाखाना मामले में मुल्क के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की याचिका को वापस लौटा दिया है. पाक समाचार वेबसाइट जियो न्यूज ने इस खबर की पुष्टि की है. 

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Shubhank Agnihotri
Imran Khan

हाइलाइट्स

  • दोषसिद्धि पलटने के लिए दायर की याचिका 
  •  हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग 

Pakistan News: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और  पीटीआई के फाउंडर इमरान खान की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही. तोशाखाना मामले में मुल्क के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान की याचिका को वापस लौटा दिया है. पाक समाचार वेबसाइट जियो न्यूज ने इस खबर की पुष्टि की है. 


प्रासांगिक दस्तावेजों के साथ दोबारा करें अपील 

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने इमरान खान द्वारा दायर की गई अपील पर आपत्ति जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके द्वारा पेश किये दस्तावेज अधूरे हैं. कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों को पूरा करने के बाद वह छह जनवरी को अपनी अपील फिर से दायर कर सकते हैं. आपको बता दें कि पीटीआई फाउंडर के वकील लतीफ खोसा ने संविधान के आर्टिकल 185 के तहत यह अपील दायर की थी.


दोषसिद्धि पलटने के लिए दायर की याचिका 

पीटीआई के फाउंडर शनिवार को आम चुनाव लड़ने के लिए तोशाखाना मामले में दोषसिद्धि को पलटने के लिए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की ओर रुख किया था. इससे पहले इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने तोशाखाना मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को निलंबित करने वाली इमरान खान की मांग को खारिज कर दिया था. 


 हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की मांग 

अपनी नई याचिका में इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया और कहा कि तोशाखाना मामले में उनकी सजा पहले ही निलंबित कर दी गई थी. बता दें कि इमरान खान को सरकारी खजाने के तोहफों को बेचने का आरोप लगा था. ये तोहफे इमरान खान को विदेशी दौरों पर मिले थे. 

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा 

 पूर्व प्रधामंत्री को 5 अगस्त, 2023 को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश (एडीएसजे) हुमायूँ दिलावर द्वारा तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई थी साथ ही खान के ऊपर 100,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. सुनवाई के दौरान जज ने खान को तोशाखाना मामले में भ्रष्टाचार का दोषी पाया था. इस दौरान इमरान को पांच साल के लिए किसी भी सार्वजनिक पद पर रहने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया था.