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चीन और पाक की सीक्रेट डील ने बढ़ाई भारत की टेंशन! यहां समझें पूरा मामला

China Pakistan Row: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पांच दिनों की चीन यात्रा के बाद मुल्क वापस लौट आए हैं. इस दौरे पर दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दों को लेकर समझौता हुआ है. पाक सरकार ने इस दौरान कई समझौतों के बारे में जानकारी भी नहीं दी है.

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Courtesy: Social Media

China Pakistan Row:  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन की पांच दिन यात्रा करने के बाद मुल्क वापस लौट आए हैं. शहबाज शरीफ की चीन यात्रा की चर्चा पूरे पाकिस्तान में बड़े जोर-शोर से हो रही है. दरअसल, शहबाज की चीन यात्रा के कारण पाक को अपना बजट सत्र स्थगित करना पड़ा. यह बजट सत्र अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ किसी भी सौदे को पूरा करने के लिए जरूरी था. पाक सरकार ने इस दौरान कहा है कि उसकी चीन सरकार के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनी है.

पाक सरकार का कहना है कि शरीफ की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कुल 32 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. इनमें से कुछ सौदों को सीक्रेट रखा गया है. मीडिया को इन सौदों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. चीन और पाक ने भी इन समझौतों को लेकर चुप्पी साध रखी है. 

क्या हुई है डील? 

पाकिस्तान सरकार ने 6 जून को चीन के साथ 32 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की सूचना दी थी. इन समझौतों में ऑटोमोबाइल, स्वास्थ्य सेवा, आईटी सेक्टर, फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, जैसे क्षेत्र शामिल थे. खाने के सामान पर भारी निर्भरता के कारण पाक की चीन पर निर्भरता अधिक रही है. इन समझौतों में सबसे खास बात पाकिस्तान टेलिवीजन कॉर्पोरेशन और चीनी मीडिया समूह के बीच एक सीक्रेट डील भी है. यह डील पाक में चीनी मीडिया के और अधिक प्रवेश का संकेत करता है. 

POK में बेहतर होगी कनेक्टिविटी 

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के चीन दौरे के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा राजमार्गों के निर्माण के समझौतों की रही है. दोनों देशों के बीच डेरा इस्माइल खान -झोब नेशनल हाइवे ( एन-50 ) और मुजफ्फराबाद-मीरपुर मंगला एक्सप्रेसवे के लिए समझौता हुआ है. यह हाइवे भारतीय सीमा के निकट हैं. इनका निर्माण चीनी कंपनियों द्वारा किया जाएगा. ऐसे में भारत की टेंशन बढ़ सकती है. दोनों देशों के बीच बाबूसर में बन रही सुरंग तेजी से पूरा करने की सहमति बनी है. इसका उद्देश्य पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान के बीच सभी मौसम में कनेक्टिविटी को और बेहतर करना है.