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ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा– हमला हुआ तो इजरायल और US मिलिट्री बेस बनेंगे निशाना

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की, तो जवाब में इजरायल और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया जाएगा.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा– हमला हुआ तो इजरायल और US मिलिट्री बेस बनेंगे निशाना
Courtesy: @RT_com

ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. इसी बीच ईरान ने अमेरिका और इजरायल को सख्त चेतावनी दी है. ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की, तो जवाब में इजरायल और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया जाएगा. इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

ईरानी संसद में दिया गया सख्त बयान

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ ने संसद में बोलते हुए कहा कि ईरान पर हमला हुआ तो इजरायल, अमेरिकी सैन्य अड्डे और युद्धपोत ईरान के वैध निशाने होंगे. क़ालिबाफ का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े रह चुके हैं. उनके बयान को ईरान की आधिकारिक और खुली चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है.

सरकार विरोधी प्रदर्शनों से हिला ईरान

ईरान इस समय 2022 के बाद सबसे बड़े सरकार विरोधी आंदोलनों का सामना कर रहा है. ये प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए थे, जिनकी शुरुआत बढ़ती महंगाई और आर्थिक परेशानियों के खिलाफ हुई. धीरे-धीरे यह आंदोलन सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के शासन के खिलाफ बदल गया. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों शामिल हैं.

अमेरिका की बयानबाजी और ईरान की सख्ती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को लेकर बयान दे रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान आजादी के करीब है और अमेरिका मदद को तैयार है. वहीं, ईरान सरकार ने हालात काबू में रखने के लिए इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहद सीमित रह गई है.

सड़कों पर विरोध, सुरक्षा बलों की कार्रवाई

इंटरनेट बंद होने के बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग रात के समय सड़कों पर विरोध करते दिख रहे हैं. दूसरी ओर, ईरानी सरकार का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी इमारतों और मस्जिदों को नुकसान पहुंचाया गया. सुरक्षा बलों ने आंदोलन को सख्ती से दबाने का ऐलान किया है.

पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक

इजरायल और ईरान के बीच पहले से ही परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर तनाव बना हुआ है. अब अमेरिका की संभावित दखलअंदाजी और ईरान की खुली धमकी ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर बड़े टकराव की आशंका में डाल दिया है.