US Israel Iran War

ईरान से वार्ता के लिए पाकिस्तानी F-16 विमानों की सुरक्षा में इस्लामाबाद पहुंचे जेडी वेंस, देखें वीडियो

जेडी वेंस के विमान को पाकिस्तानी F-16 ने एस्कॉर्ट कर इस्लामाबाद पहुंचाया. अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली यह वार्ता ऐतिहासिक मानी जा रही है, हालांकि दोनों के बीच अविश्वास बना हुआ है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच पाकिस्तानी F-16 लड़ाकू विमानों ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को ले जा रहे विमान को इस्लामाबाद तक एस्कॉर्ट किया, ताकि वे ईरान के साथ वार्ता का नेतृत्व कर सकें. विज़ुअल्स में पांच PAF F-16 विमानों को अमेरिकी वायु सेना के बोइंग C-32A विमान को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में एस्कॉर्ट करते हुए दिखाया गया, जिसके बाद वह इस्लामाबाद के पास नूर खान एयरबेस पर उतरा.

जेडी वेंस आज एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करेंगे. यह एक ऐतिहासिक क्षण होगा जो 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से वाशिंगटन और तेहरान के बीच अब तक की सबसे उच्च-स्तरीय आमने-सामने की वार्ता होगी. उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी होंगे.

ईरानी पक्ष का कौन कर रहा नेतृत्व?

ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ और विदेश मंत्री सय्यद अब्बास अराघची करेंगे. हालांकि अविश्वास अभी भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. ईरानी सरकारी मीडिया ने गालिबफ के हवाले से कहा, 'हमारी मंशा अच्छी है, लेकिन हमें भरोसा नहीं है. अमेरिकियों के साथ बातचीत करने का हमारा अनुभव हमेशा असफलता और टूटे हुए वादों वाला रहा है.'

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान से रचनात्मक रूप से जुड़ने का आह्वान किया है और संघर्ष का स्थायी समाधान खोजने की दिशा में दोनों पक्षों को सुविधा प्रदान करना जारी रखने की अपने देश की इच्छा को दोहराया है.

शर्तों को लेकर क्यों थे मतभेद?

अमेरिका और ईरान के बीच पहले बातचीत की शर्तों को लेकर मतभेद थे. ट्रंप प्रशासन ने एक 15-सूत्रीय रूपरेखा तैयार की थी, जिसमें कथित तौर पर ईरान से अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सौंपने और अपनी सेना पर सीमाएं स्वीकार करने की मांग की गई थी. ईरान ने अपनी 10-सूत्रीय योजना भेजी थी, जिसमें हर्जाने की मांग की गई थी और यह चाहा गया था कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान की संप्रभुता को स्वीकार करे.

एक अन्य मोर्चे पर लेबनान और इजराइल अगले सप्ताह होने वाली वार्ता की तैयारी कर रहे हैं. एक क्षणिक विराम ने एक दिन पहले हुए उन तीव्र हमलों से राहत प्रदान की है, जिन्होंने अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने का खतरा पैदा कर दिया था.