पाकिस्तान से लौट रहे अफगानिस्तान शरणार्थियों से भरा ट्रक पलटा, 18 लोगों की मौत

यह हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए. मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों और महिलाओं की है. 

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Sagar Bhardwaj

अफगानिस्तान में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. पाकिस्तान से अपने वतन लौट रहे अफगान शरणार्थियों से भरा एक ट्रक शनिवार को हाईवे पर पलट गया. यह हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए. मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों और महिलाओं की है. 

पूर्वी अफगानिस्तान के लघमान प्रांत में हुआ यह हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला घाव छोड़ गया. जानकारी के अनुसार ट्रक में पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थी सवार थे. यात्रा के दौरान मुख्य हाईवे पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक पलट गया. दुर्घटना इतनी भयावह थी कि 18 लोगों की मौत हो गई. मृतकों में 10 बच्चे और पांच महिलाएं शामिल हैं. हादसे के बाद आसपास के लोगों और राहतकर्मियों ने बचाव अभियान शुरू किया. घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है.

घायलों का इलाज जारी

इस दुर्घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि पीड़ितों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है. अधिकारियों के अनुसार, हादसे में 35 लोग घायल हुए हैं जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे हैं. कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टर लगातार उनके उपचार में जुटे हुए हैं. हादसे के बाद कई परिवार अपने प्रियजनों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों के चक्कर लगाते दिखाई दिए. 

सरकार ने जताया शोक

तालिबान प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. अफगानिस्तान में सड़क दुर्घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं. कई इलाकों में सड़कें खराब स्थिति में हैं और यातायात नियमों का पालन भी पर्याप्त नहीं होता. 

प्रवासियों की वापसी बनी बड़ी चुनौती

हाल के वर्षों में पाकिस्तान और ईरान से बड़ी संख्या में अफगान नागरिक अपने देश लौटे हैं. पाकिस्तान ने 2023 में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी जिसके बाद हजारों अफगानों को वापस लौटना पड़ा. इसी दौरान ईरान ने भी अफगान प्रवासियों की वापसी की प्रक्रिया तेज कर दी. लाखों लोग ऐसे हैं जिन्होंने दशकों तक दूसरे देशों में रहकर काम किया और कई का जन्म भी वहीं हुआ था. अब उनके सामने अपने देश में दोबारा बसने की चुनौती है.