महाठग सुकेश और जैकलीन फर्नांडीस के खिलाफ 200 करोड़ की जबरन वसूली के मामले में आरोप तय
दिल्ली की एक अदालत ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर और जैकलीन फर्नांडीस समेत आठ लोगों पर 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए हैं. अदालत ने सभी आरोपियों को 3 जून को तलब किया है.
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अभियुक्त सुकेश चंद्रशेखर, बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस और छह अन्य के खिलाफ 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय किए. विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने यह आदेश प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर सुनवाई करते हुए दिया. यह मामला दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा अगस्त 2021 में दर्ज एमसीओसीए की एफआईआर पर आधारित है. कोर्ट ने सभी आरोपियों को तलब किया है.
सुकेश और साथियों पर गंभीर आरोप
विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने सुकेश चंद्रशेखर और 22 अन्य के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) की धारा 3 और 4, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण के आरोप तय किए. न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को 3 जून को औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए पेश होने का आदेश दिया है. अदालत का विस्तृत आदेश अभी जारी नहीं हुआ है. ईडी के अनुसार, वर्ष 2020-2021 के दौरान सुकेश और उसके साथियों ने एक शीर्ष केंद्रीय अधिकारी बनकर रणबीर ग्रुप के प्रमोटर शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी. आरोप है कि उन्होंने पति की जमानत दिलाने के नाम पर यह राशि ऐंठी.
जैकलीन फर्नांडीस पर ईडी का गंभीर आरोप
ईडी ने अपनी पूरक शिकायत में जैकलीन फर्नांडीस को भी आरोपी बनाया है. एजेंसी का दावा है कि अभिनेत्री ने 7 करोड़ रुपये से अधिक के उपहार और संपत्तियां अपराध की आय से प्राप्त कीं. ईडी के अनुसार, वसूली गई राशि को शेल कंपनियों और लेनदेन के जरिए इधर-उधर किया गया. इसी बीच ईडी ने अदालत में यह भी कहा कि जैकलीन इस मामले में अभियोजन से बचने के लिए दोषी गवाह (एप्रूवर) बनने की कोशिश कर रही हैं क्योंकि उन्होंने सक्रिय रूप से अपराध की आय से लाभ उठाया है. हालांकि अभिनेत्री के वकीलों का कहना है कि उन्हें सुकेश के अपराधों की जानकारी नहीं थी.
अन्य मामलों में सुकेश को राहत
हालांकि इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं लेकिन एक अन्य मामले में दिल्ली की अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है. यह जमानत ईडी द्वारा दर्ज एआईएडीएमके प्रतीक चिन्ह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दी गई है. अदालत ने कहा कि सुकेश पहले ही अधिकतम सात साल की सजा का आधे से अधिक समय जेल में बिता चुका है. गौरतलब है कि सुकेश के खिलाफ देशभर में कुल 31 मामले दर्ज हैं जिनमें से उसे 27 मामलों में जमानत मिल चुकी है.