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पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का किया खुला समर्थन! अमेरिका-इजरायल के लिए बढ़ेगा खतरा

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत ईरान को यह अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग करे.

Gyanendra Sharma
पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का किया खुला समर्थन! अमेरिका-इजरायल के लिए बढ़ेगा खतरा
Courtesy: Social Media

पाकिस्तान और ईरान के बीच हाल के दिनों में रिश्तों में नई गर्मजोशी देखने को मिली है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के हालिया पाकिस्तान दौरे ने दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनयिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. इस दौरे के दौरान पाकिस्तान ने खुले तौर पर ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम का समर्थन किया है जिसे लेकर वैश्विक स्तर पर विवाद बना हुआ है. यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों नतांज, फोर्डो और इस्फहान पर हमले किए हैं.

3 अगस्त 2025 को इस्लामाबाद पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का पाकिस्तान में गर्मजोशी से स्वागत किया गया. उनके स्वागत के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार हवाई अड्डे पर मौजूद थे. इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों को और मजबूत करना था. इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर चर्चा की.

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पाकिस्तान का समर्थन

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत ईरान को यह अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा का उपयोग करे. यह बयान उस समय महत्वपूर्ण है, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए हैं. शरीफ ने इजरायल के हालिया हमलों की निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया.

दोनों देश के बीच हुए कई समझौते

शरीफ ने ईरान की सैन्य और जनता की बहादुरी की भी प्रशंसा की, खासकर उनके मिसाइल हमलों के जवाब में जिसने इजरायल की रक्षा प्रणाली को उजागर किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और ईरान आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और इस मुद्दे पर दोनों देशों का रुख समान है. इस दौरे के दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 3 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा. दोनों पक्षों ने व्यापार, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सूचना और संचार, संस्कृति, कला, पर्यटन, जलवायु और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में 12 समझौतों और सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए.