Imran Khan Cipher Case: पाक के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के मुखिया इमरान खान का मुश्किलों से गहरा नाता हो चला है. मुश्किलें इमरान का पीछा नहीं छोड़ रही हैं. दरअसल पाक की एक अदालत से सोमवार को उन्हें करारा झटका लगा. पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने सिफर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री को दोषी करार दिया है.
इमरान खान को बीते साल मार्च में वाशिंगटन में पाक के दूतावास की ओर से भेजे गए एक सीक्रेट डिप्लोमेटिक केबल ( सिफर ) को एक रैली में सार्वजनिक करने का आरोप था. इस मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत उन पर केस दर्ज किया गया. इसके बाद अगस्त माह में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. आपको बता दें कि डिप्लोमैटिक केबल वह मैसेज होता है जो विदेशी मिशन की ओर से अपने देश को भेजा जाता है. इसमें सभी तरह की बातचीत का ब्यौरा होता है. इसे डिकोड करके पढ़ा जाता है.
सिफर मामला पहली बार मार्च 2022 मे सामने आया था. अप्रैल 2022 में सत्ता से बेदखल होने के बाद इमरान खान ने एक रैली की थी. इस रैली में भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने एक पत्र को लहराया था. इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि विदेशी ताकतों ने उन्हें सत्ता से बाहर करने के लिए तमाम साजिशें रची.
रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान इस समय 150 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. इन मामलों में आतंकवाद, हिंसा भड़काने, कोर्ट की अवमानना जैसे आरोप शामिल हैं. तोशाखाना मामले में उन्हें कोर्ट ने सजा सुनाई थी, हालांकि बाद में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए उनकी सजा को निलंबित कर दिया था.
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