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India Daily

पाकिस्तान ने 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराने से किया इनकार, कहा- बारिश की वजह से टूटा

पाकिस्तान के नारोवाल में 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को तोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मंदिर के टूटने पर अब पाकिस्तान ने सफाई दी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
पाकिस्तान ने 100 साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराने से किया इनकार, कहा- बारिश की वजह से टूटा
Courtesy: @HemanNamo

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव में 100 साल से अधिक पुराने हिंदू मंदिर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों और अल्पसंख्यक अधिकार संगठनों का आरोप है कि मंदिर को जानबूझकर गिराया गया और उसकी जमीन का इस्तेमाल पास के मदरसे के विस्तार के लिए किया जाना था.

पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इन आरोपों को खारिज किया है. प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि मंदिर की इमारत 21 जुलाई 2026 को भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई थी. उनके मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने नुकसान का सर्वे किया है और इमारत की बहाली के लिए कदम शुरू किए जा चुके हैं.

21 जुलाई और 21 अगस्त की तारीख से उठे सवाल

विवाद की एक अहम वजह मंदिर को नुकसान पहुंचने और उसके गिराए जाने को लेकर बताई जा रही अलग-अलग तारीखें हैं. पाकिस्तान का कहना है कि संरचना 21 जुलाई को भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई, जबकि पाकिस्तान मसिहा मिल्लत पार्टी (PMMP) और अन्य रिपोर्टों में मंदिर को 21 अगस्त को गिराए जाने की बात कही गई है.

मदरसे के लिए जमीन इस्तेमाल करने का आरोप

PMMP और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मंदिर की जगह को पास के धार्मिक संस्थान के विस्तार के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई. PMMP के अध्यक्ष असलम परवेज साहोत्रा ने अधिकारियों से मंदिर गिराने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और धार्मिक स्थल की सुरक्षा में कथित लापरवाही की जांच की मांग की है.

TLP से जुड़े लोगों पर भी आरोप

अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस मामले में प्रतिबंधित तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) से जुड़े लोगों की भूमिका होने का आरोप भी लगाया है. हालांकि, यह एक आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान सरकार ने मंदिर को जानबूझकर गिराए जाने के आरोप को ही खारिज किया है.

भारत ने 2 सितंबर को जताई थी चिंता

मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने 2 सितंबर को प्रतिक्रिया दी थी. भारत ने मंदिर को कथित तौर पर गिराए जाने की निंदा करते हुए पाकिस्तान से मामले की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और मंदिर को बहाल करने की मांग की थी. भारत ने इसे पाकिस्तान में अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय बताया था.

पाकिस्तान ने भारत के आरोपों को बताया राजनीतिक

भारत के बयान के जवाब में पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारतीय दावों को ‘झूठा और राजनीतिक मकसद से प्रेरित’ बताया. प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि भारत तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है. पाकिस्तान ने दोहराया कि मंदिर की संरचना भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई थी और उसकी बहाली की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है.

मंदिर की बहाली पर पाकिस्तान का दावा

पाकिस्तान के मुताबिक स्थानीय अधिकारियों ने बारिश से हुए नुकसान का सर्वे पूरा कर लिया है और मंदिर की इमारत को बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. फिलहाल विवाद का मुख्य मुद्दा यही है कि मंदिर प्राकृतिक रूप से बारिश के कारण गिरा या उसे बाद में जानबूझकर गिराया गया. उपलब्ध जानकारी में दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं.