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पाकिस्तान में 1 जनवरी से नहीं शुरू होता है नया साल, जानें कब मनाया जाता है न्यू ईयर

New Year In Pakistan: दुनिया में लोग 1 जनवरी को नए साल के रूप में मनाते हैं लेकिन पाकिस्तान में एक जनवरी को नए साल के रूप में नहीं मनाया जाता है. आइये जानते हैं फिर पाकिस्तान में नया साल कब मनाया जाता है और इसके पीछे की वजह क्या है. 

Purushottam Kumar
पाकिस्तान में 1 जनवरी से नहीं शुरू होता है नया साल, जानें कब मनाया जाता है न्यू ईयर

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान में 1 जनवरी को नहीं मनाया जाता है न्यू ईयर
  • पाकिस्तान में नया साल मुहर्रम के पहले दिन से शुरू होता है

New Year In Pakistan: भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लोग 1 जनवरी को नए साल के रूप में मनाते हैं. इस दिन को नए साल के रूप में मुख्य तौर से ईसाई समुदाय के लोग मनाते थे लेकिन अब करीब करीब लोग मनाने लगे हैं. पाकिस्तान की अगर हम बात करें तो यहां एक जनवरी को नए साल के रूप में नहीं मनाया जाता है. आइये जानते हैं फिर पाकिस्तान में नया साल कब मनाया जाता है और इसके पीछे की वजह क्या है. 

पाकिस्तान में कब मनाया जाता है नया साल 

इस्लामिक देश पाकिस्तान में कई ऐसी चीजें हैं जो इस्लाम की मान्यता के अनुसार हैं. इसी के चलते पाकिस्तान की एक बड़ी आबादी 1 जनवरी को नए साल के रूप में नहीं मनाती है. इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक पाकिस्तान में मोहर्रम के महीने को नए साल का पहला महीना माना जाता है. साल 2024 में वो दिन 17 जुलाई के करीब शुरू हो सकता है जिसका संबंध मोहर्रम से है.

'नया साल मुहर्रम के पहले दिन से शुरू होता है'

मुसलमानों के लिए नया साल मुहर्रम के पहले दिन से शुरू होता है. इस्लाम को मानने वाले लोग हिजरी कैलेंडर के हिसाब से चलते हैं. इस कैलेंडर की शुरुआत 622 ईस्वी से हुई है. कहा जाता है कि इसकी शुरुआत हजरत मुहम्मद के मक्का छोड़कर मदीना जाने से शुरू होता है. हिजरी कैलेंडर के अनुसार एक साल 354 या फिर 355 दिनों का होता है.