France Grounded Plane: दुबई से निकारगुआ जा रही फ्लाइट को फ्रांस पुलिस ने फ्राइडे को रोक लिया. इस विमान में 300 से ज्यादा भारतीय सफर कर रहे थे. जानकारी के अनुसार, फ्रांस पुलिस ने इस विमान को मानव तस्करी के शक में हिरासत में ले लिया. इस घटना पर फ्रांसीसी पुलिस की ओर से प्रतिक्रिया आई है. इस घटना के बाद फ्रांस में मौजूद भारतीय मिशन हरकत में आ गया.
फ्रांस में स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि वे इस मामले में फ्रांस के अधिकारियों की मदद कर रहे हैं.आखिर यह पूरा मामला क्या है इसे पहले सविस्तार समझ लेते हैं.
गुरुवार को एयरबस ए 340 की फ्लाइट दुबई से निकारगुआ की ओर जा रही थी. प्लेन फ्यूल भराने के लिए फ्रांस के एक छोटे से एयरपोर्ट वैट्री पर रुका. इस बीच फ्रांसीसी पुलिस को सूचना मिलती है कि इस विमान में सफर कर रहे भारतीयों को मानव तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है. इसके बाद फ्रांस पुलिस एयरपोर्ट पहुंचकर विमान को दोबारा उड़ान भरने से रोक दिया. रिपोर्ट के अनुसार, यह विमान रोमानिया की चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस का है.
French authorities informed us of a plane w/ 303 people, mostly Indian origin, from Dubai to Nicaragua detained on a technical halt at a French airport. Embassy team has reached & obtained consular access. We are investigating the situation, also ensuring wellbeing of passengers.
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— India in France (@IndiaembFrance) December 22, 2023
प्लेन को रोकने के बाद फ्रांसीसी पुलिस ने जांच शुरू की. जांच के दौरान सभी यात्रियों को विमान के अंदर ही रखा गया. इसके बाद उन्हें वैट्री एयरपोर्ट के हॉल ले जाया गया. फ्रांसीसी पुलिस ने एक्शन लेते हुए पूरे एयरपोर्ट को सीज कर दिया. फ्रांसीसी मीडिया की ओर से मिल रही जानकारी के मुताबिक, इसकी जांच अब वहां की अपराध विरोधी एजेंसी जुनाल्को कर रही है.
इस मामले की जानकारी जब भारतीय दूतावास को हुई. फ्रांस में मौजूद भारतीय मिशन ने इसकी पुष्टि करते हुए एक्स पर लिखा कि फ्रांस के अधिकारियों ने हमें इस मामले की जानकारी दी है. हम अपने नागरिकों तक पहुंच चुके हैं. हमने काउंसल एक्सेस प्राप्त कर ली है. हम उनकी पूरी तरह से मदद कर रहे हैं.
फ्रांस पुलिस ने फ्लाइट रोके जाने को लेकर एयरलाइंस कंपनी की प्रतिक्रिया सामने आई है. लीजेंड एयरलाइंस कंपनी से जुड़ी बकायोको ने फ्रांस के एक चैनल को बातचीत में बताया कि कंपनी की मानव तस्करी में किसी प्रकार की कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि एक शख्स ने विमान किराए पर लिया था और हर यात्री की पहचान और दस्तावेजों की जिम्मेदारी भी उसी शख्स की थी. फ्लाइट ने उड़ान भरने से पहले उसने यात्रियों से जुड़ी जानकारी एयरलाइन को साझा की.