नई दिल्ली: पाकिस्तान ने अफगान तालिबान के खिलाफ ऑपरेशन गजाब लिल-हक शुरू किया है. बता दें यह ऑपरेशन पाकिस्तान ने बॉर्डर पर बिना उकसावे के हमले के बाद शुरू किया है. इस बीच ईरान ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बातचीत को आसान बनाने में मदद की पेशकश की. यहां के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर दोनों के झगड़े को सुलझाने में मदद करने की बात कही है.
सैयद अब्बास अराघची ने पोस्ट करते हुए कहा है, रमजान के पवित्र महीने में, जो खुद पर काबू रखने और इस्लाम की दुनिया में एकता को मजबूत करने का महीना है, यह सही है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान अच्छे पड़ोसी के तौर पर और बातचीत के रास्ते से अपने मौजूदा मतभेदों को सुलझाएं और सुलझाएं. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने और समझ और सहयोग को मजबूत करने में कोई भी मदद देने के लिए तैयार है. यहां पढ़ें पोस्ट-
पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने शुक्रवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ ओपन वॉर का ऐलान किया है. यह पड़ोसी देशों के बीच दिखाता है कि किस तरह से एयरस्ट्राइक, बॉर्डर पार हमलों और उनकी साझी सीमा पर महीनों से तनाव चल रहा है और हिंसा बढ़ती जा रही है. दोनों पक्षों के बीच कई झड़पें हुईं. इसके बाद पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया समेत अफगान शहरों को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक कीं.
अपने रुख को साफ करते हुए डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान को NATO सेनाओं के हटने के बाद अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद थी और उम्मीद थी कि तालिबान अफगान लोगों की भलाई और इलाके की स्थिरता पर ध्यान देगा. इसके बजाय, उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत की कॉलोनी बना दिया है, दुनिया भर से मिलिटेंट्स को इकट्ठा किया है और टेररिज्म एक्सपोर्ट करना शुरू कर दिया है. हमारा सब्र अब खत्म हो गया है. अब हमारे बीच खुली जंग है.”