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Operation Sindoor: घायल आतंकियों से मिलने पहुंचे पाक आर्मी ऑफिसर, भारत के खिलाफ लगे नारे, वीडियो में देखें कैसे पाकिस्तान की खुली पोल?

भारतीय वायुसेना ने एक सावधानीपूर्वक सोची-समझी कार्रवाई के ज़रिए जैश-ए-मोहम्मद के एक महत्वपूर्ण ठिकाने को निशाना बनाया है, जिससे भारत के लंबे समय से चले आ रहे इस दावे की पुष्टि होती है कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी समूहों को पनाह और सुरक्षा देना जारी रखता है. लक्षित हमले ने न केवल आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि यह भी उजागर किया कि ये समूह नागरिक क्षेत्रों में कितनी गहराई से समाए हुए हैं, जिससे अक्सर सैन्य और गैर-सैन्य क्षेत्रों के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है.

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Reepu Kumari

Operation Sindoor: रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया. अभी भी पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. वहां के लोग लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है. भारत ने आतंकिस्तान के घर में घुस कर जो तहलका मचाया है इससे वहां के लोग थरथर कांप रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा किए गए लक्षित सैन्य हमलों के बाद, पाकिस्तान के अंदर जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) की संपत्तियों को हुए नुकसान की पुष्टि करने वाले नए संकेत सामने आए हैं. हाल ही में एक पाकिस्तानी सेना अधिकारी ने हमले में हताहत हुए लोगों की जांच करने के लिए एक अस्पताल का दौरा किया, जहां पाकिस्तान में लोग भयावह नारे लगाए हैं.

ऑनलाइन प्रसारित हो रहे एक वीडियो में अस्पताल के अंदर से आवाज़ें आती हुई सुनी जा सकती हैं, 'भारत तेरी मौत आई, जैश आई, जैश आई' - यह क्षेत्र में जैश की मौजूदगी और प्रभाव की प्रत्यक्ष स्वीकृति है. क्लिप के 10 सेकंड के आसपास नारे लगने शुरू हो गए, जो स्थानीय इलाकों में आतंकी संगठन के लिए गहरे समर्थन को रेखांकित करते हैं.

भारत का कमरतोड़ जवाब

माना जाता है कि भारतीय वायुसेना ने एक सावधानीपूर्वक सोची-समझी कार्रवाई के ज़रिए जैश-ए-मोहम्मद के एक महत्वपूर्ण ठिकाने को निशाना बनाया है, जिससे भारत के लंबे समय से चले आ रहे इस दावे की पुष्टि होती है कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी समूहों को पनाह और सुरक्षा देना जारी रखता है. लक्षित हमले ने न केवल आतंकी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, बल्कि यह भी उजागर किया कि ये समूह नागरिक क्षेत्रों में कितनी गहराई से समाए हुए हैं, जिससे अक्सर सैन्य और गैर-सैन्य क्षेत्रों के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है.

बार-बार अंतर्राष्ट्रीय दबाव के बावजूद, पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी समूहों को दिया जा रहा संरक्षण स्पष्ट है, और यह घटना पाकिस्तानी क्षेत्र में जैश की परिचालन स्वतंत्रता के बारे में भारत के दावे को और पुष्ट करती है.

15 दिन बाद पहलगाम आतंकी हमले

भारत ने 15 दिन बाद पहलगाम आतंकी हमले का बदला आतंकिस्तान से ले लिया है.इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान के पंजाब में स्थित बहावलपुर ट्रेनिंग सेंटर को ही मिट्टी में मिला दिया. यहीं से आतंकियों का आका ट्रेनिंग सेंटर चलाया करता था. कुख्यात आतंकी मसूद अजहर ने इसे बसाया था.संसद पर हुए आतंकी हमले के पीछे भी इसी का हाथ था. भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर रात भर हमले किए.इसमें कोटली, मुरीदके और बहावलपुर में प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया. बहावलपुर की जिस मस्जिद को सेना ने उड़ाया है वहां अक्सर आतंकवादी मसूद अजहर रात गुजारा करता था.