नेपाल में बाढ़ के बाद फिर कांपी धरती, कुछ घंटों के भीतर आए भूकंप के दो झटके
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कुछ ही हफ्तों बाद बुधवार को लगातार दो भूकंप के झटकों से लोगों की चिंता बढ़ गई. उत्तर-पश्चिमी नेपाल के मुगु जिले में पहला भूकंप 4.5 तीव्रता का दर्ज किया गया.
नई दिल्ली: नेपाल में एक बार फिर धरती के हिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे देश में बुधवार को कुछ घंटों के अंतराल पर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. दोनों भूकंप का केंद्र मुगु जिले के कलाई के आसपास बताया गया. पहला झटका 4.5 तीव्रता का था, जबकि दूसरे की तीव्रता 4.2 रही. राहत की बात यह है कि अभी तक किसी जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है.
दो बार भूकंप के झटके
राष्ट्रीय भूकंपीय अनुसंधान केंद्र के अनुसार, पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 1:51 बजे आया. इसके बाद सुबह 4:28 बजे 4.2 तीव्रता का दूसरा भूकंप दर्ज किया गया. दोनों झटकों का केंद्र मुगु जिले के कलाई क्षेत्र के आसपास रहा. भूकंप के कंपन पड़ोसी डोलपा और जुमला जिलों में भी महसूस किए गए. अधिकारियों की नजर स्थिति पर बनी हुई है और किसी संभावित नुकसान या बाद के झटकों को लेकर निगरानी जारी है.
कुछ घंटों में दो बार हिली जमीन
नेपाल भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं. बुधवार को भी पहले झटके के कुछ घंटे बाद दूसरा भूकंप आया. फिलहाल किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है. अधिकारी प्रभावित इलाकों में स्थिति पर नजर रख रहे हैं. साथ ही संभावित आफ्टरशॉक या किसी संरचनात्मक नुकसान की जानकारी जुटाने के लिए निगरानी जारी है.
Also Read
बाढ़ की त्रासदी अभी थमी भी नहीं
भूकंप के ये झटके ऐसे समय आए हैं, जब नेपाल अभी हालिया विनाशकारी बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है. 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन से अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया था. इस आपदा के बाद बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया गया.
बाढ़ में मौतों का आंकड़ा 1,399 पहुंचा
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,399 हो गई है. आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं. चितवन में 364, नवलपरासी पूर्व में 232, नवलपरासी पश्चिम में 222 और नुवाकोट में 202 शव मिले. रसुवा से 189, गोरखा से 78, धाडिंग से 72 और तनहुन से 38 शव बरामद हुए हैं.