कभी एक्टिंग का था शौक, बचपन में कुछ और था नाम! PM मोदी के 10 अनसुने किस्से; जन्मदिन पर जरुर जानें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को देशभर में सेवा दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. उनके जीवन में कई ऐसे पड़ाव रहे हैं जो काफी दिलचस्प हैं लेकिन ज्यादा लोगों को पता नहीं है. तो चलिए जानते हैं उन खास पड़ावों के बारे में.

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Shanu Sharma

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कल यानी 17 सितंबर को अपना 76वां जन्मदिन मनाएंगे. इस मौके पर देशभर में सेवा दिवस के रूप में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. 

पीएम मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ है. पीएम मोदी का शुरुआती जीवन बेहद साधारण परिस्थितियों में बीता. आइए जानते हैं उनसे जुड़ी 10 ऐसी बातें, जिनके बारे में कम ही चर्चा होती है.

बचपन में इस नाम से बुलाते थे लोग

नरेंद्र मोदी का जन्म गुजरात के वडनगर में हुआ था. उनके पिता दामोदर दास मूलचंद मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे. बचपन में नरेंद्र मोदी को परिवार और आसपास के लोग प्यार से नरिया कहकर बुलाते थे. 


किशोरावस्था में था अभिनय का शौक

नरेंद्र मोदी को बचपन से ही अभिनय में दिलचस्पी थी. द मैन ऑफ द मोमेंट: नरेंद्र मोदी किताब के मुताबिक, करीब 13-14 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से एक नाटक में हिस्सा लिया था. 

संन्यासी बनने के लिए छोड़ा था घर

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद नरेंद्र मोदी संन्यास लेने की इच्छा से घर से निकल गए थे. इस दौरान उन्होंने देश के कई हिस्सों की यात्रा की और हिमालय में भी साधु-संतों के बीच रहे. 

कम उम्र में आरएसएस से जुड़े

नरेंद्र मोदी का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ाव बचपन में ही हो गया था. 1958 में दिवाली के दिन गुजरात के पहले प्रांत प्रचारक लक्ष्मण राव इनामदार ने उन्हें बाल स्वयंसेवक की शपथ दिलाई थी.

नींद भी कम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समय का पाबंद बताया जाता है. वह अपने निर्धारित कार्यक्रमों को समय पर पूरा करने की कोशिश करते हैं. उनके बारे में यह भी बताया जाता है कि वह करीब चार घंटे की नींद लेते हैं.

पतंगबाजी का है खास शौक

नरेंद्र मोदी को पतंग उड़ाने का भी काफी शौक रहा है. गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वह मकर संक्रांति के अवसर पर बड़े स्तर पर पतंगबाजी के कार्यक्रम आयोजित करवाते थे.

अपना काम खुद करने की आदत

संघ के प्रचारक रहने के दौरान नरेंद्र मोदी अपने रोजमर्रा के काम खुद करते थे. अहमदाबाद के संघ कार्यालय में रहने के समय वह अपने साथ अन्य लोगों के लिए भी चाय बनाया करते थे. सफाई करने के अलावा वह बुजुर्ग स्वयंसेवकों के कपड़े भी धोते थे.

आपातकाल में बदला था अपना रूप

देश में आपातकाल लागू होने के दौरान नरेंद्र मोदी ने संघ के स्वयंसेवक के तौर पर इसका विरोध किया था. उस समय पुलिस से बचने के लिए उन्होंने सरदार का रूप धारण किया था. 

नशे से हमेशा बनाई दूरी

नरेंद्र मोदी ने युवावस्था में नशे के खिलाफ अभियान भी चलाया था. उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने कभी शराब और सिगरेट का सेवन नहीं किया. वह शाकाहारी भोजन करते हैं और अपनी दिनचर्या में योग तथा ध्यान को भी महत्व देते हैं.

ब्रांड बना कुर्ता

नरेंद्र मोदी के पहनावे में कुर्ता एक खास पहचान बन चुका है. बताया जाता है कि संघ के दिनों से ही वह कुर्ते की बांह छोटी करवाते थे. अब यह काफी फेमस है.