50 साल बाद चंद्रमा की ओर! NASA ने लॉन्च किया आर्टेमिस-2, अंतरिक्ष के लिए 4 यात्री हुए रवाना
नासा ने आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च कर दिया है. चार अंतरिक्ष यात्री विशाल रॉकेट से चंद्रमा की यात्रा पर रवाना हुए. यह 50 साल बाद पहला क्रूड लूनर फ्लाईबाय मिशन है. मिशन के दौरान वे चंद्रमा के चारों ओर घूमेंगे लेकिन लैंडिंग नहीं करेंगे.
नई दिल्ली: नासा ने बुधवार को आर्टेमिस-2 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च कर इतिहास रच दिया. फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से चार अंतरिक्ष यात्री विशाल SLS रॉकेट के साथ चंद्रमा की ओर रवाना हुए. यह मिशन 50 वर्षों बाद पहला क्रूड लूनर फ्लाईबाय है. इसमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं. वर्षों की देरी और खर्च बढ़ने के बाद यह लॉन्च हुआ है. यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
ऐतिहासिक लॉन्च का रोमांच
केनेडी स्पेस सेंटर से शाम करीब 6:35 बजे रॉकेट ने जोरदार गर्जना के साथ उड़ान भरी. रॉकेट के नारंगी और सफेद रंग दूर तक दिख रहे थे. नासा की टीम और हजारों दर्शक खुशी से चीख पड़े. एक दर्शक ने जोश में कहा, 'हम चंद्रमा जा रहे हैं!' अंतरिक्ष यात्री ब्राइट ऑरेंज सूट में थे. लॉन्च से पहले मौसम लगभग अनुकूल था.
अंतरिक्ष यात्री और उनका संदेश
मिशन में शामिल हैं रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन. जेरेमी हैनसेन ने कहा, 'हम सारी मानवता के लिए जा रहे हैं.' लॉन्च डायरेक्टर चार्ली ब्लैकवेल-थॉम्पसन ने कहा, 'आप अमेरिका की साहसिक भावना और नई पीढ़ी के सपनों को साथ ले जा रहे हैं.' यह मिशन पहले रंग के व्यक्ति, पहली महिला और पहले गैर-अमेरिकी को चंद्रमा मिशन पर भेज रहा है.
मिशन के मुख्य उद्देश्य
अंतरिक्ष यात्री लगभग 10 दिन की यात्रा पर हैं. वे चंद्रमा के चारों ओर घूमेंगे लेकिन उतरेंगे नहीं. इस दौरान वे स्पेसक्राफ्ट की जांच करेंगे और मैनुअल पाइलटिंग का परीक्षण करेंगे. यह SLS रॉकेट का पहला क्रूड फ्लाइट है. मिशन 2028 में चंद्रमा लैंडिंग की तैयारी कर रहा है. इससे पहले कई बार लॉन्च में देरी हुई थी.
ट्रंप का बयान और भविष्य
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉन्च से पहले सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका अंतरिक्ष में भी जीत रहा है. आर्टेमिस प्रोग्राम चीन के साथ स्पेस रेस में महत्वपूर्ण है. नासा का लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा पर इंसान उतारना है. यह मिशन चंद्रमा पर स्थायी बेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
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