मिडिल ईस्ट जंग के बीच पाकिस्तान को झटका, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे जहाज को ईरान ने खदेड़ा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज ने तय समुद्री नियमों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था.
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने एक बार फिर अपनी पकड़ मजबूत होने का संकेत दिया है. हाल ही में एक कंटेनर जहाज को बिना पूर्व अनुमति के इस मार्ग से गुजरने की कोशिश के दौरान रोक दिया गया और उसे वापस लौटने पर मजबूर कर दिया गया.
जानकारी के मुताबिक, 'SELEN' नाम का यह कंटेनर जहाज 23 मार्च की रात शारजाह एंकरेज से रवाना हुआ था और पाकिस्तान के कराची बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था. जहाज की मूवमेंट पर नजर रखने वाले AIS ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि जैसे ही यह होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने के करीब पहुंचा, उसने अचानक अपना रास्ता बदल लिया और वापस खाड़ी क्षेत्र की ओर मुड़ गया.
प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जहाज ने तय समुद्री नियमों और प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था. IRGC नेवी के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी ने कहा कि बिना अनुमति इस संवेदनशील मार्ग से गुजरने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब हर जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने से पहले ईरानी समुद्री अधिकारियों के साथ समन्वय करना अनिवार्य होगा.
छोटा फीडर कंटेनर जहाज है SELEN
SELEN एक छोटा फीडर कंटेनर जहाज है, जो सेंट किट्स एंड नेविस के झंडे के तहत संचालित होता है. इसका प्रबंधन दुबई स्थित एक्सीड ओशनिक ट्रेडिंग एलएलसी द्वारा किया जाता है. इस पूरे घटनाक्रम में जहाज या उसके क्रू को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और उसे सुरक्षित रूप से वापस भेज दिया गया.
बातचीत का प्रस्ताव
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में प्रस्ताव दिया था कि उनका देश दोनों देशों के बीच बातचीत की मेजबानी करने के लिए तैयार है. उन्होंने व्यापक समझौते की दिशा में पहल की बात कही थी.
मिडिल ईस्ट में तनाव
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शरीफ के इस प्रस्ताव को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था. हालांकि, उन्होंने इस पहल में अमेरिका की आधिकारिक भागीदारी की पुष्टि नहीं की. वहीं, ईरान ने फिलहाल किसी भी तरह की वार्ता से इनकार करते हुए संकेत दिया है कि उसका रुख अभी भी सख्त बना हुआ है. होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की यह कार्रवाई न केवल क्षेत्रीय तनाव को उजागर करती है, बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी चिंता का विषय बन गई है.
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