IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026

अब क्या करेगा पाकिस्तान, म‍िड‍िल ईस्ट जंग का असर; LPG और तेल के लिए कहां जाएगा ईरान का दोस्त?

पाकिस्तान में ईंधन संकट गहरा गया है क्योंकि ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट प्रभावी रूप से बंद हो गया है.

Pinterest
Reepu Kumari

नई दिल्ली: पाकिस्तान एक बार फिर गंभीर ऊर्जा संकट के कगार पर खड़ा है. होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से मध्य पूर्व से आने वाली तेल की सप्लाई ठप हो गई है, जिससे वैश्विक बाजार हिल गए हैं. ईरान ने अमेरिका-इजराइल हमलों के जवाब में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को प्रतिबंधित कर दिया, जहां दुनिया का करीब 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. पाकिस्तान, जो अपनी ज्यादातर ऊर्जा जरूरतें इसी रास्ते से पूरी करता है, अब मुश्किल में फंस गया है. सरकार ने तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, ताकि आम आदमी पर बोझ कम हो और अर्थव्यवस्था ठप न पड़े.

स्टॉक खत्म होने की कगार पर

वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने संसद की समिति को बताया कि पेट्रोल और डीजल के स्टॉक सिर्फ 28 दिनों के हैं. कच्चे तेल के भंडार 10 दिनों और एलपीजी-एलएनजी के 15 दिनों के बचे हैं. दो क्रूड ऑयल टैंकर होर्मुज के कारण फंस गए हैं. अधिकारी मानते हैं कि अगर संकट लंबा खिंचा तो स्थिति गंभीर हो सकती है. फिलहाल कोई तत्काल कमी नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है.

ईंधन बचत के लिए कोरोना जैसी पाबंदियां

सरकार ने ईंधन संरक्षण के लिए बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य करने का प्रस्ताव है. ऑफिस में सिर्फ जरूरी कर्मचारी बुलाए जाएंगे. स्कूल-कॉलेजों में डिस्टेंस लर्निंग या ऑनलाइन क्लासेस शुरू हो सकती हैं. कर्मचारियों को राइड शेयरिंग यानी कारपूलिंग की सलाह दी जा रही है. ये कदम अगले हफ्ते से लागू हो सकते हैं, ताकि ईंधन और विदेशी मुद्रा दोनों बचें.

साप्ताहिक मूल्य समीक्षा और कंपनियों को राहत

पेट्रोलियम कीमतों की हर हफ्ते समीक्षा 8 मार्च से शुरू होगी. तेल कंपनियों को बढ़े हुए इंश्योरेंस, आयात प्रीमियम और फ्रेट चार्ज का भुगतान करने के लिए मुआवजा दिया जाएगा, जो आम उपभोक्ता पर बोझ बढ़ा सकता है. सरकारी और निजी क्षेत्र में ईंधन बचत के उपाय लागू किए जाएंगे. होर्डिंग और स्मगलिंग पर सख्त निगरानी रखी जा रही है.

चीन को छूट, पाकिस्तान की बढ़ी मुश्किल

ईरान ने चीन के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दी है, जिससे पाकिस्तान की टेंशन और बढ़ गई. विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान को चेतावनी दी कि सऊदी अरब से रक्षा समझौते के कारण पाकिस्तान भी युद्ध में खिंच सकता है. सरकार ने सऊदी अरब से यानबू पोर्ट के रास्ते वैकल्पिक आपूर्ति मांगी है, जिस पर सकारात्मक जवाब मिला है. लेकिन लंबे समय तक संकट बने रहने पर चुनौतियां बढ़ेंगी.