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ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका कर सकता है अटैक... ट्रंप राष्ट्रपति बनते ही लेंगे एक्शन!

ट्रंप प्रशासन का यह विचार कि सैन्य कार्रवाई से ईरान के परमाणु हथियारों के विकास को रोका जा सकता है, एक ऐसी नीति है जो क्षेत्रीय शक्ति समीकरण को भी बदल सकती है.

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Edited By: Mayank Tiwari
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका कर सकता है अटैक... ट्रंप राष्ट्रपति बनते ही लेंगे एक्शन!
Courtesy: X@Osint613

अमेरिका के नवनिर्विचित राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें संभावित पूर्व-रक्षात्मक हवाई हमले भी शामिल हैं. यह कदम अमेरिका की अब तक की ईरान के प्रति कूटनीतिक और प्रतिबंध आधारित नीति से अलग हटने वाला होगा. ट्रंप की टीम के कुछ सदस्य इस सैन्य हमले के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं.

WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की टीम खासतौर पर ये तैयारी तब कर रही है जब वे सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के पतन, क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की भूमिका, और इजरायल द्वारा शासन के समर्थक मिलिशियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं. हालांकि, इस मुद्दे पर सभी विचार-विमर्श अभी भी शुरुआती चरण में है.

डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु विस्फोट प्लानिंग को लेकर परेशान 

दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से कहा है कि वह अपने कार्यकाल में ईरान के परमाणु विस्फोट के बारे में चिंतित हैं, उनकी बातचीत से परिचित दो लोगों ने कहा, यह संकेत देते हुए कि वह उस परिणाम को रोकने के लिए प्रस्तावों की तलाश कर रहे हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ऐसी योजनाएं चाहते हैं जो किसी नए युद्ध को भड़काने से पहले ही रुक जाएं, खास तौर पर ऐसा युद्ध जिसमें अमेरिकी सेना को भी शामिल किया जा सकता है, क्योंकि तेहरान की परमाणु सुविधाओं पर हमले से अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है.

ईरान को परमाणु हथियार बनाने में लग सकते हैं कई महीने 

वहीं, ईरान के पास अकेले ही चार परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम है, जिससे वह एकमात्र गैर-परमाणु-हथियार वाला देश बन गया है, जो 60% हथियार-ग्रेड सामग्री का उत्पादन कर रहा है, उस भंडार को हथियार-ग्रेड परमाणु ईंधन में बदलने में बस कुछ ही दिन लगेंगे. जबकि, अमेरिकी अधिकारियों ने पहले कहा था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने में कई महीने लग सकते हैं.

राष्ट्रपति- ट्रंप और उनके सहयोगी फैसलों पर अमल लाने के प्रयास में जुटे

हालांकि, ट्रंप प्रशासन की प्लानिंग से जुड़े लोगों का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप की टीम शासन के खिलाफ "अधिकतम दबाव 2.0" रणनीति तैयार कर रही है, जो सख्त आर्थिक प्रतिबंधों पर केंद्रित उनके पहले कार्यकाल के नजरिए का परिणाम है. इस बार, राष्ट्रपति- ट्रंप और उनके सहयोगी सैन्य कदमों को मूर्त रूप दे रहे हैं, जो उनके तेहरान विरोधी अभियान के लिए केंद्रीय हो सकते हैं, हालांकि अभी भी कड़े वित्तीय दंड के साथ जोड़ा गया है. योजना से परिचित चार लोगों ने बताया कि चर्चा में दो व्यापक विकल्प सामने आए हैं, जिनमें ट्रंप के साथ हुई कुछ बातचीत भी शामिल है.

अमेरिका इजरायल को बेच सकता है बेहतर हथियार  

योजना से परिचित दो लोगों ने कहा कि एक रास्ता ये भी है कि मध्य पूर्व में ज्यादा अमेरिकी सेना, युद्धक विमान और जहाज भेजकर सैन्य दबाव बढ़ाना शामिल है. अमेरिका इजरायल को बेहतर हथियार भी बेच सकता है, जैसे बंकर-बस्टिंग बम, जिससे ईरानी परमाणु सुविधाओं को ऑफ़लाइन करने के लिए उसकी आक्रामक मारक क्षमता मजबूत होगी. सैन्य बल का खतरा, खासकर अगर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के साथ जोड़ा जाए जो ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बना देते हैं, तो तेहरान को यह विश्वास हो सकता है कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है.