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समंदर के रास्ते भारत पर हमला करने वाले हैं लश्कर आंतकी! क्या दोहराया जाएगा मुंबई जैसा हमला

खुफिया एजेंसियों के इनपुट के अनुसार लश्कर ए तैयबा भारत के खिलाफ हमास के नुखबा मॉडल जैसी समुद्री रणनीति पर काम कर रहा है. आतंकी पानी के रास्ते घुसपैठ की तैयारी में हैं. गणतंत्र दिवस से पहले तटीय इलाकों में हाई अलर्ट है.

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Edited By: Babli Rautela
समंदर के रास्ते भारत पर हमला करने वाले हैं लश्कर आंतकी! क्या दोहराया जाएगा मुंबई जैसा हमला
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चेतावनी सामने आई है. खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमास के नुखबा मॉडल से प्रेरित होकर लश्कर ए तैयबा भारत के खिलाफ समुद्री हमले की साजिश रच रहा है. इस रणनीति में आतंकी जमीन के बजाय समंदर के रास्ते भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की तैयारी कर रहे हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक यह रणनीति पूरी तरह से सरप्राइज पर आधारित है. आतंकियों को रात के अंधेरे में समुद्र की गहराइयों से आगे बढ़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है. उनका मकसद तटीय इलाकों तक बिना किसी हलचल के पहुंचना और फिर अचानक हमला करना है. यह तरीका पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देता है.

कटीले तार नहीं अब समंदर निशाने पर

पहले आतंकी सीमा पर कटीले तारों और जमीन के रास्तों को निशाना बनाते थे. अब उनका फोकस पूरी तरह समुद्री रास्तों पर है. खुफिया एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान के गुप्त ठिकानों पर आतंकियों को कॉम्बैट डाइविंग सिखाई जा रही है. उन्हें लंबे समय तक पानी के भीतर रहने और चुपचाप आगे बढ़ने की तकनीक सिखाई जा रही है.

इस नई रणनीति में रडार को चकमा देना सबसे अहम हिस्सा है. आतंकियों को ऐसे उपकरण दिए जा रहे हैं जो सतह के नीचे काम करते हैं. पानी के भीतर चलने वाले साधनों की मदद से वे घंटों तक बिना पकड़े गए आगे बढ़ सकते हैं. यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं.

गणतंत्र दिवस से पहले बढ़ा अलर्ट

समय को देखते हुए यह खतरा और भी गंभीर हो जाता है. गणतंत्र दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय आयोजन से पहले इस तरह की धमकियों ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. मुंबई गुजरात और केरल जैसे तटीय राज्यों में निगरानी तेज कर दी गई है. हर छोटी जानकारी को गंभीरता से लिया जा रहा है.

हमास की नुखबा फोर्स ने इजरायल के खिलाफ समुद्र के रास्ते हमलों की कोशिश की थी. प्रशिक्षित गोताखोरों ने तटीय सुरक्षा को चौंकाने की रणनीति अपनाई. इसी मॉडल को लश्कर अपनाने की कोशिश कर रहा है. यही कारण है कि भारतीय एजेंसियां इस खतरे को नजरअंदाज नहीं कर रहीं.

कहां दी जा रही है आतंकियों को ट्रेनिंग

खुफिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि आतंकियों को पाकिस्तान के तटीय इलाकों और जलाशयों में ट्रेनिंग दी जा रही है. उन्हें सिखाया जा रहा है कि कैसे पानी के नीचे छिपकर लंबे समय तक रहा जाए और सही समय पर हमला किया जाए. यह ट्रेनिंग सामान्य नहीं बल्कि बेहद संगठित मानी जा रही है.

इस खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है. समुद्री रडार और सोनार सिस्टम को और सक्रिय किया गया है. तटीय गांवों में मछुआरों से भी सहयोग लिया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी मिल सके.