नई दिल्ली: पाकिस्तान के लाहौर में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक अमीर हमजा पर गुरुवार को गोलीबारी की घटना ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है. अज्ञात हमलावरों ने एक न्यूज चैनल के बाहर उन पर फायरिंग की, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत लाहौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. अमीर हमजा लश्कर-ए-तैयबा में हाफिज सईद के बाद दूसरे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और भारत में कई आतंकी हमलों से उनका नाम जुड़ा हुआ है.
अमीर हमजा पर यह हमला लाहौर के एक न्यूज चैनल के बाहर हुआ. अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक गोली चलाई और मौके से फरार हो गए. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि पिछले साल मई में भी अमीर हमजा पर उनके घर के बाहर गोलीबारी हुई थी. उस समय भी उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी, लेकिन सुरक्षा में सेंध लगने का सिलसिला जारी है.
अमीर हमजा लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं और संगठन के प्रचार व फंडिंग का प्रमुख चेहरा रहा है. वो अफगान मुजाहिद्दीन का पुराना सदस्य है और हाफिज सईद का बहुत करीबी माना जाता है. हमजा ने कई किताबें लिखी हैं, जिनमें ‘काफिला दावत और शहादत’ (2002) काफी चर्चित रही. वो लश्कर की आधिकारिक पत्रिका का संपादक भी हैं. अमेरिका ने उसे आतंकवादी घोषित कर प्रतिबंध लगा रखा है. उसने 2018 में जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध के बाद जैश-ए-मनकफा नाम का नया संगठन बनाया था, जो लश्कर के साथ मिलकर काम करता है.
अमीर हमजा भारत में कई आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर में. वो लश्कर-ए-तैयबा की फंडिंग और प्रचार अभियान का मुख्य हिस्सा रहा है. पाकिस्तान में उसकी गतिविधियां जारी रहीं, जबकि भारत उन्हें वांछित आतंकवादी घोषित कर चुका है. इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई है क्योंकि लश्कर जैसे संगठन के बड़े नेता पर लगातार हमले हो रहे हैं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने अब तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है.
अमीर हमजा को अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है. डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत बेहद गंभीर है. इस हमले से लश्कर-ए-तैयबा के अंदरूनी कलह या किसी बाहरी दुश्मन की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है. पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों के नेताओं पर ऐसे हमले पहले भी हो चुके हैं, लेकिन अमीर हमजा जैसे बड़े चेहरे पर यह दूसरा हमला एक साल के अंदर काफी चिंताजनक माना जा रहा है. आगे की जांच से कई बड़े खुलासे होने की संभावना है.