मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच किम जोंग उन ने ट्रंप को दिया चैलेंज! न्यूक्लियर पावर को बताया जरूरी; सियोल को दी चेतावनी

उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधा चैलेंज किया है. उन्होंने बजट सत्र के दौरान परमाणु कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया और डिफेंस बजट का ऐलान किया.

Grok AI
Shanu Sharma

एक ओर मिडिल ईस्ट में युद्ध शांत नहीं हुआ है, दूसरी तरफ उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने अपने देश के संसद में बड़ा भाषण दे दिया. उन्होंने देश की परमाणु नीति को स्थायी और अपरिवर्तनीय बताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया अब परमाणु हथियारों वाले देश के रूप में मजबूत बनेगा.

किम जोंग उन ने अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को सीधा चुनौती दे दी. उन्होंने सुप्रीम पीपुल्स असेंबली को संबोधित करते हुए कहा कि परमाणु हथियार छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने निरस्त्रीकरण के बदले आर्थिक मदद या सुरक्षा गारंटी की पुरानी बातों को पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने दावा किया कि परमाणु शक्ति ने युद्ध रोकने में मदद की है. किम ने जोर देकर कहा कि परमाणु बलों को स्थायी रूप से मजबूत करना ही सही रणनीति है.

क्या बोले किम जोंग उन?

उत्तर कोरिया के मुखिया ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर कोरियाई प्रायद्वीप के पास हथियार तैनात करके इलाके को अस्थिर करने का भी आरोप लगाया. हालांकि उन्होंने साफ कह दिया कि अब उत्तर कोरिया किसी भी खतरे से नहीं डरता है और जरूरत पड़ने पर वह दूसरों को जवाब देने की पूरी ताकत रखता है.

इतना ही नहीं उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपना सबसे बड़ा दुश्मन करार दिया. किम ने सियोल को चेतावनी दी कि अगर उत्तर कोरिया की संप्रभुता पर कोई हमला हुआ तो बिना किसी हिचकिचाहट के कठोर जवाब दिया जाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव अब उत्तर कोरियाई कानून का हिस्सा बन चुका है, इससे दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.

पंचवर्षीय विकास योजना को किया लॉन्च

संसद की ओर से 2026 का बजट पास किया गया. इसमें रक्षा खर्च को कुल व्यय का 15.8  प्रतिशत कर दिया गया है. इस राशि का बड़ा हिस्सा परमाणु क्षमताओं को बढ़ाने और युद्ध लड़ने की तैयारियों पर खर्च किया जाएगा. किम ने कहा कि सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलेंगे. उन्होंने नई पंचवर्षीय विकास योजना की रूपरेखा पेश की. जिसमें उद्योग को आधुनिक बनाने, बिजली और कोयला उत्पादन बढ़ाने तथा पूरे देश में नए घर बनाने पर जोर दिया गया.

संसदीय सत्र के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बधाई संदेश भी पढ़ा गया. जिसमें पुतिन ने मॉस्को और प्योंगयांग के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प जताया था. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में उत्तर कोरिया को दुनिया के सबसे गरीब देशों गिना जाता है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से वहां चीजों की कमी बनी रहती है. ज्यादातर लोग सरकारी राशन और अनौपचारिक बाजारों पर निर्भर रहते हैं. हालांकि इसके बाद भी वहां की सरकार परमाणु कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहा है.