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India Daily

ट्रंप के ईरान पर हमला टालते ही बाजार में लौटी तेजी! सेंसेक्स 1000 अंक उछला; निफ्टी 22,800 के पार

भारतीय शेयर बाजार में तेजी लौट आई है. सेंसेक्स 1,000 अंक चढ़कर 73,762 पर पहुंच गया. निफ्टी 22,850 के करीब है. ट्रंप के ईरान पर हमले टालने के फैसले से निवेशकों में उम्मीद जगी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
ट्रंप के ईरान पर हमला टालते ही बाजार में लौटी तेजी! सेंसेक्स 1000 अंक उछला; निफ्टी 22,800 के पार
Courtesy: grok

नई दिल्ली: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला. सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा बढ़ गया और निफ्टी 22,850 के पास पहुंच गया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के पावर प्लांट पर हमला टालने के फैसले ने बाजार को राहत दी. तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई बाजारों में तेजी के साथ घरेलू निवेशकों ने भी खरीदारी शुरू कर दी. सोमवार को हुई भारी गिरावट के बाद आज बाजार में वापसी हुई है.

बाजार में जोरदार रैली

सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 1,020 अंक यानी 1.4 फीसदी बढ़कर 73,762 पर पहुंच गया. निफ्टी 330 अंक चढ़कर 22,842 पर था. बैंक निफ्टी भी करीब 2 फीसदी मजबूत हुआ. एशियाई बाजारों में 0.7 फीसदी की बढ़त देखी गई. ब्रेंट क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा. निवेशकों ने वैल्यू बाइंग शुरू कर दी.

ट्रंप के फैसले से मिली राहत

ट्रंप ने ईरान के पावर ग्रिड पर बमबारी टाल दी, जिससे गहरे ऊर्जा संकट का डर कम हुआ. इससे तेल की कीमतें थोड़ी घटीं और भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ. रुपया 93.64 पर खुला, जबकि कल यह 93.98 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था. ईरान की ओर से बातचीत से इनकार करने के बावजूद बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा. 

वोलेटिलिटी घटी, निवेशक खुश

भारत विक्स 4 फीसदी से ज्यादा गिरकर 25.60 पर आ गया. कम विक्स का मतलब है कि निवेशकों में अनिश्चितता घटी है. जियो जित इन्वेस्टमेंट्स के आनंद जेम्स ने कहा कि 22,680 के ऊपर स्थिर रहने पर मजबूती आएगी. 22,470 स्तर कल दो बार डिफेंड हुआ, इसलिए अब 22,560 के आसपास उतार-चढ़ाव रह सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

लाइवलॉन्ग वेल्थ के हरिप्रसाद के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बयानों में विरोधाभास है. बाजार ऑप्टिमिज्म पर प्रतिक्रिया दे रहा है, लेकिन जिओ पॉलिटिकल अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. निफ्टी अब भी फरवरी के बाद से 10.6 फीसदी नीचे है. अगर तेल की कीमतें नियंत्रण में रहीं तो बाजार में और तेजी आ सकती है.