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ईरान से शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे जेडी वेंस, बताई ये बड़ी बजह

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे. ट्रंप ने सुरक्षा चिंताओं को यात्रा न करने का कारण बताया है. वार्ता सोमवार को होगी.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
ईरान से शांति वार्ता के दूसरे दौर के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे जेडी वेंस, बताई ये बड़ी बजह
Courtesy: @Forbes

ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित नई परमाणु वार्ता को लेकर अटकलों के बीच अमेरिका से बड़ी खबर आई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाकर इस बातचीत का नेतृत्व नहीं करेंगे. एबीसी न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने इसका कारण सुरक्षा चिंताओं को बताया. उन्होंने कहा कि जेडी वेंस 'वाकई शानदार' हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से वह इस दौरे पर नहीं जा रहे. इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि वेंस इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर सकते हैं. अब ट्रंप के बयान से साफ हो गया है कि अमेरिकी प्रतिनिधित्व को लेकर अंतिम फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

सुरक्षा कारणों का दिया हवाला

राष्ट्रपति ट्रंप ने जब एबीसी न्यूज से बातचीत में जेडी वेंस के न जाने की वजह पूछी गई तो उन्होंने सीधा जवाब दिया- सुरक्षा. ट्रंप ने कहा कि हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. पहले संकेत मिल रहे थे कि वेंस इस्लामाबाद जाएंगे, लेकिन अब अमेरिकी प्रशासन ने अपना रुख बदल दिया है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज और ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने पहले संकेत दिए थे कि जेडी वेंस इस बातचीत का नेतृत्व कर सकते हैं. लेकिन ट्रंप के ताजा बयान ने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है. अमेरिकी प्रशासन अब किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल भेज सकता है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिरकार इस्लामाबाद में अमेरिकी टीम का नेतृत्व कौन करेगा.

तीन दिन बाद खत्म होगा सीजफायर, ट्रंप ने फिर दी धमकी

ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच दो हफ्तों का सीजफायर खत्म होने में अब सिर्फ तीन दिन बचे हैं. यह सीजफायर 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के अचानक हमलों के बाद शुरू हुए मिडिल ईस्ट युद्ध को रोकने के लिए किया गया था. अब तक सिर्फ एक बार, 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में 21 घंटे की लंबी बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. ट्रंप ने अपनी धमकियों को दोहराते हुए कहा कि अगर ईरान किसी समझौते पर राजी नहीं होता है तो वह देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर देंगे. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'अब और अच्छा आदमी बनकर नहीं रहूंगा.' उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो वॉशिंगटन ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को तबाह कर देगा.

इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, सड़कें हुईं बंद

इस्लामाबाद में होने वाली इस अहम बातचीत को देखते हुए रविवार को सुरक्षा कड़ी कर दी गई. अधिकारियों ने पूरे शहर में सड़कें बंद करने और ट्रैफिक पर पाबंदियां लगाने की घोषणा की. एएफपी के पत्रकारों ने इस्लामाबाद के सबसे सुरक्षित होटलों मैरियट और सेरेना के पास हथियारबंद गार्ड और चेकपॉइंट देखे. शहर के एक अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह सोमवार को ईरान के साथ बातचीत के लिए एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान भेज रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम एक बहुत ही निष्पक्ष और सही समझौता पेश कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मान लेंगे.' अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली इस वार्ता पर टिकी हैं.