ईरान की धमकी से डर गया इजरायल! साउथ गाजा से वापस बुला रहा अपनी सेना
Israel Hamas War: इजरायली सेना ने गाजा के दक्षिणी इलाके से अपनी सेना को वापस बुलाया है. इजरायल के ताजा फैसले को ईरान की धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है.
Israel Hamas War: इजरायल की सेना ने दक्षिणी गाजा से एक सैन्य ब्रिगेड को छोड़कर सभी सैनिकों को वापस बुला लिया है. दक्षिणी गाजा के बड़े इलाके से इजरायली सेना वापस लौट रही है. इजरायल द्वारा सैनिकों की वापसी को लेकर पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है. अभी यह भी साफ नहीं हो सका है कि क्या गाजा के रफाह में की जाने वाली सैन्य कार्रवाई को इजरायल ने निलंबित कर दिया है. इजरायली नेता बार-बार यह कहते रहे हैं कि हमास के खात्मे के लिए रफाह पर हमला किया जाना बेहद जरूरी है. कई मीडिया रिपोर्टों में सेना की वापसी को अंतरराष्ट्रीय दवाब और ईरान की धमकी से जोड़कर भी देखा जा रहा है.
दक्षिणी गाजा से इजरायली सेना तब लौट रही है जब कायरो में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर नए सिरे से वार्ता होने वाली है. सात अक्टूबर के हमले के बाद गाजा में इजरायली सेना का अटैक फिलिस्तीन के दक्षिणी इलाकों तक ही केंद्रित रहा है. रफाह मिस्र की सीमा से सटा इलाका है जो लाखों फिलिस्तीनी शरणार्थियों का घर बन गया है. गाजा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, इजरायली हमले में 33,100 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
दक्षिणी गाजा से इजरायली सैनिकों की वापसी को कई कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है. इनमें सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव का भी है. गाजा में हमला रोकने के लिए अमेरिका सहित दुनियाभर के कई देश दबाव बना रहे हैं. कुछ समय पहले ही सिक्योरिटी काउंसिल ने भी गाजा में युद्ध रोकने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था. इसके अलावा जानकार यह संभावना भी जता रहे हैं कि हो सकता है कि दक्षिणी गाजा में इजरायली सेना के ऑपरेशन पूरे हो गए हों और सिर्फ खुफिया ऑपरेशन ही बचे हों, जिन्हें छोटे ऑपरेशन के जरिए भी पूरा किया जा सकता है.
ईरान से निपटने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के साथ बढ़ती तनातनी के बीच भी इजरायल ने अपनी सेना को वापस बुलाने का फैसला किया है. बीते दिनों इजरायली सेना ने सीरियाई राजधानी दमिश्क में ईरान के वाणिज्यिक दूतावास को नष्ट कर दिया था. इस हमले में ईरानी सेना के टॉप कमांडर सहित कई राजनयिक मारे गए थे. इजरायली खुफिया एजेंसियों ने सरकार को जानाकरी दी है कि तेहराल लंबी दूरी की मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले को अंजाम दे सकता है. ऐसे में इजरायल ने एहतियातन जीपीएस पर भी रोक लगा दी और सैनिकों की छुट्टियां भी कैंसिल कर दी. जानकारों का कहना है कि इजरायल इन सैनिकों को किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए तैयार कर रहा है.