'ईरान पर आज बरसेगी तबाही', भीषण होती जंग के बीच ट्रंप ने तेहरान को दी कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए नए लक्ष्यों पर भीषण हमले की धमकी दी है. उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति की माफी को कमजोरी बताते हुए ईरान को भविष्य का 'लूजर' करार दिया है.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और अधिक घातक बनाने की खुली चेतावनी दी है. उनके हालिया बयानों से स्पष्ट है कि अमेरिका अब उन क्षेत्रों और समूहों को भी निशाना बनाने की योजना बना रहा है, जिन्हें अब तक छोड़ दिया गया था. यह आक्रामकता ऐसे समय में आई है जब ईरानी नेतृत्व ने पड़ोसी देशों से तो माफी मांगी है, लेकिन अमेरिका और इजरायल के सामने झुकने से इनकार कर दिया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ' पर साफ किया कि अमेरिका ईरान पर बहुत जोरदार हमला करने वाला है. उन्होंने संकेत दिया कि अब तक जिन इलाकों को सुरक्षित समझा जा रहा था, वहां भी तबाही और मौत का मंजर दिख सकता है. ट्रंप के अनुसार ईरान के खराब व्यवहार के कारण अब उन विशिष्ट समूहों और क्षेत्रों को पूरी तरह नष्ट करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिन्हें पिछले हमलों में टारगेट नहीं किया गया था.
ईरानी राष्ट्रपति का कड़ा रुख
दूसरी ओर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ कर दिया कि उनका देश किसी भी कीमत पर इजरायल या अमेरिका के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा. सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में उन्होंने स्पष्ट रूप से सरेंडर की संभावनाओं को खारिज कर दिया. हालांकि उन्होंने क्षेत्रीय शांति की बात करते हुए पास के खाड़ी देशों के प्रति नरम रुख अपनाया और उनसे पिछली घटनाओं के लिए माफी भी मांगी.
पड़ोसियों से माफी पर ट्रंप का तंज
ईरानी राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों को आश्वासन दिया कि तेहरान उन्हें तब तक निशाना नहीं बनाएगा, जब तक कि हमला उनकी तरफ से शुरू न हो. ट्रंप ने पेजेशकियन की इस माफी को ईरान का आत्मसमर्पण बताया है. ट्रंप का मानना है कि ईरान ने अपने पड़ोसियों के सामने इसलिए घुटने टेके हैं, क्योंकि अमेरिका और इजरायल के निरंतर हमलों ने उसे कमजोर कर दिया है. ट्रंप के अनुसार यह केवल दबाव का परिणाम है.
ईरान अब 'बुली' नहीं 'लूजर'
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की वर्तमान स्थिति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि तेहरान अब मिडिल ईस्ट का 'बुली' यानी डराने वाला देश नहीं रह गया है. उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व का 'लूजर' (हारने वाला) करार दिया. ट्रंप के मुताबिक ईरान अगले कई दशकों तक इसी स्थिति में रहेगा, जब तक वह पूरी तरह सरेंडर नहीं कर देता. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ईरान ने अपना रास्ता नहीं बदला, तो उसके पूरी तरह खत्म होने की संभावना ज्यादा है.
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