दक्षिण लेबनान में इजराइल का सबसे बड़ा हवाई अटैक, हिज्बुल्लाह-हमास पर दो मोर्चों से वार; सीमा पर युद्ध जैसे हालात

इजराइल ने दक्षिण लेबनान में भारी हवाई हमले किए, जिनमें हिज्बुल्लाह ठिकानों को निशाना बताया गया. इससे पहले ड्रोन हमले में एक की मौत हुई थी. गाजा और सीरिया में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: दक्षिण लेबनान में बुधवार को इजराइल ने बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिन्हें उसने हिज्बुल्लाह के हथियार भंडार और अन्य सुविधाओं पर कार्रवाई बताया. 

इससे पहले ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए थे, जिनमें स्कूल बस में सवार छात्र भी शामिल थे. यह ताजा हमला उस दिन के बाद हुआ जब ऐन अल-हिलोवे शरणार्थी कैंप पर इजराइल के हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी. लगातार बढ़ते तनाव ने सीमा क्षेत्रों में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.

इजराइल-हिज्बुल्लाह तनाव बढ़ा

इजराइल की सेना ने दक्षिण लेबनान के कई गांवों शेहौर और देइर किफा के निवासियों को पहले ही घर खाली करने की चेतावनी दी थी. इजराइल का दावा है कि हिज्बुल्लाह फिर से अपनी सैन्य क्षमता बढ़ा रहा है और उसने आम इलाकों में हथियार छिपाए हैं. इजराइल पिछले साल दक्षिण लेबनान से उस समझौते के तहत हटा था, जिसमें बेरूत को हिज्बुल्लाह की मौजूदगी सीमित करने की जिम्मेदारी दी गई थी. हालांकि हिज्बुल्लाह इस आरोप से इनकार करता है.

ऐन अल-हिल्वेह में परिणाम

ऐन अल-हिलोवे शरणार्थी कैंप, जहां मंगलवार को इजराइली हमले में 13 लोग मारे गए थे, बुधवार को सामान्य स्थिति में लौटता दिखा. हालांकि पत्रकारों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई. पैरामेडिक्स ने घटनास्थल से जली हुई गाड़ियां, टूटी इमारतें और खून से सने अवशेष एकत्र किए. इजराइल ने इसे हमास के प्रशिक्षण केंद्र पर हमला बताया, जबकि हमास ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह जगह सिर्फ खेल परिसर थी.

लेबनान पर अमेरिकी दबाव

अमेरिका ने भी लेबनान पर हिज़्बुल्लाह को नियंत्रित करने का दबाव बढ़ा दिया है. इसी कारण अमेरिका ने लेबनानी सेना प्रमुख रुडोल्फ हैकाल की इस हफ्ते निर्धारित यात्रा रद्द कर दी. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन लेबनानी सेना के उस बयान से नाराज है जिसमें दक्षिण लेबनान की अस्थिरता के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया गया था. इस कूटनीतिक तनाव ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है.

गाजा में सीजफायर के बाद सबसे खतरनाक दिन

गाजा में भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को 25 फिलिस्तीनियों की मौत और 77 घायल हुए, जो 10 अक्टूबर की संघर्ष-विराम घोषणा के बाद सबसे घातक दिन रहा. इजराइल का दावा है कि ये हमले उसके सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में किए गए, जबकि हमास ने इसे 'निर्दयी नरसंहार' बताया. संघर्ष विराम के बावजूद गाजा में अब तक 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

नेतन्याहू ने सीरिया के बफर जोन का किया दौरा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सीरिया के उस बफर जोन का दौरा किया जो पिछले साल कब्जे में लिए गए थे. उन्होंने कहा कि यहां हालात किसी भी वक्त बदल सकते हैं और क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. इस दौरे की सीरिया और कई अरब देशों ने कड़ी निंदा की और इसे संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया.