Iran–Israel war: तेहरान में आसमान से बरसी तबाही! भीड़भाड़ वाले इलाके में जोरदार धमाका, उड़ती दिखीं गाड़ियां

ईरान की राजधानी तेहरान के भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे शहर में दहशत फैला दी. ईरानी मीडिया का दावा है कि यह हमला इजरायल की ओर से किया गया हवाई हमला था, जो "राइजिंग लायन ऑपरेशन" के तहत किया गया. हमले में कारें हवा में उड़ती दिखीं, और इलाका धमाकों से थर्रा गया. यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ते तनाव के बीच हुआ है.

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Kuldeep Sharma

ईरानी मीडिया ने बुधवार को एक वीडियो जारी किया जिसमें राजधानी तेहरान के उत्तरी हिस्से में जोरदार धमाके होते नजर आए. यह दावा किया गया कि वीडियो में जो विस्फोट दिख रहे हैं वे इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) द्वारा किए गए हवाई हमले हैं. इस क्षेत्र में भारी भीड़भाड़ थी और वीडियो में देखा गया कि धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि वहां खड़ी गाड़ियाँ, जिनमें लोग भी मौजूद थे, हवा में उछल गईं.

यह हमला कथित तौर पर ऑपरेशन "राइजिंग लायन" के तहत हुआ, जो इजरायल द्वारा चलाया गया एक सैन्य अभियान है. यह अभियान ईरान के खिलाफ बीते दिनों चले 12 दिनों के एयर-वॉर हिस्सा बताया जा रहा है.

अमेरिका हुआ था समर्थन

गौरतलब है कि बीते दिनों इजरायल ने सैन्य अभियान शुरू किया था, लेकिन बाद में अमेरिका भी इसमें शामिल हो गया था. अमेरिका ने यह तर्क दिया था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना आवश्यक है, और इसलिए यह संयुक्त प्रयास जरूरी हो गया. हालांकि, ईरान लगातार यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है. लेकिन पश्चिमी देशों को इस पर भरोसा नहीं है.

हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि हमलों से पहले ईरान ने अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया था. इसने संदेह को और भी बढ़ा दिया है

क्या होगा आगे?

तेहरान में हुए इस हमले से ईरान और इजरायल के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों में और भी तल्खी आ गई है. यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो मध्य-पूर्व क्षेत्र एक बार फिर गंभीर संघर्ष की ओर बढ़ सकता है.

वहीं, ईरान ने अभी तक इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि वह इसका जवाब दे सकता है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलहाल दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहा है ताकि यह टकराव किसी बड़े युद्ध का रूप न ले सके.