दाना-पानी को मोहताज फिलिस्तीनी, खान यूनिस बना कब्रगाह, इजरायल ने फिर मचाई तबाही
इजरायल ने एक बार फिर खान यूनिस शहर को निशाना बनाया है. इजरायली हमले में बड़ी तबाही मची है. लोगों को बेस कैंप से भागना पड़ा है और दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं. अब एक बड़े हिस्से में कोई शेल्टर कैंप नहीं है, जहां वे रात को सुकून से सो सकें. लोगों के पास पीने के लिए पानी तक नहीं है.
इजरायल अब और ज्यादा हिंसक तरीके से हमास के खिलाफ एक्शन पर उतर आया है. गाजा के खान यूनिस में इजरायल ने एक बार फिर तबाही मचाई है. इजरायल की सेना तल अस-सुल्तान में घूम रही हैं और खान यूनिस पर हमला बोल रही हैं. दुनियाभर से मांग उठ रही है कि इजरायल हिंसक झड़पों को रोक दे लेकिन इजरायल तैयार नहीं है. इजरालय की सोच ये है कि इससे पहले हमास हमला करे, हम पहले ही उसे तबाह कर दें.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत दुनिया के किए राष्ट्र प्रतिनिधि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपील कर चुके हैं कि अब जंग रोक दी जाए लेकिन कोई जंग रोकने के लिए तैयार नहीं है. UNICEF एक अधिकारी असलीम ओवैस ने दावा किया है कि फिलिस्तीन की हालत हद से ज्यादा खराब है. मीडिया में जितनी तस्वीरें सामने आ रही हैं, उससे ज्यादा बुरी हालत है.
उन्होंने कहा, 'गाजा के दर्द को हम समझ नहीं पा रहे हैं. जितनी तबाही मची है, मौतें हुई हैं, उनकी गणना नहीं की जा सकती है. वे हर दिन जूझ रहे हैं, उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. उनके दर्द को बताया तक नहीं जा सकता है.'
इजरायली सैनिकों पर भी मंडराया खतरा
ऐसा नहीं है कि इस जंग में सिर्फ हमास के और फिलिस्तीन के आम लोग मर रहे हैं. इजरायली सैनिक भी मारे जा रहे हैं. अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में इन हमलों के बीच इजरायल के करीब 329 सैनिक मारे गए हैं. इजरायली सैनिक मर रहे हैं फिर भी बेंजामिन नेतन्याहू सीज फायर के लिए तैयार नहीं है. हिजुबुल्लाह ने रविवार देर रात इजरालय पर 30 से ज्यादा मिसाइलें दागीं तो उधर लेबनान में इजरायल तबाही मचाने के लिए तैयार है. हिजबुल्लाह का बेस तेहरान में है तो हमास फिलिस्तीन में. दोनों मिलकर इजरायल पर दबाव बना रहे हैं.
शरणार्थी शिविर तबाह, जगह-जगह भटक रहे लोग, दाने-दाने को मोहताज
द गार्जियन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली हमले में गाजा में बने 10 शरणार्थी शिविर तबाह हो चुके हैं. लोग रेतीली जमीनों में भटक रहे हैं लेकिन न खाने को खाना है न पीने को पानी है. उत्तर और दक्षिणी हिस्से में भीषण जंग छिड़ी है, जिसमें लोग मारे जा रहे हैं. स्थानीय लोग कह रहे हैं कि हमें बार-बार विस्थापित होना पड़ रहा है. सिर छिपाने को कहीं जगह नहीं है. हालात ऐसी हो गई है कि इस जंग में जो लोग बिछड़ रहे हैं, कभी नहीं मिल रहे हैं.