सड़े-गले हालात में नवजात शिशुओं के मिले शव, गाजा के अस्पताल का मंजर देख कांप जाएगी आपकी रूह
Israel Hamas War: इजरायल और हमास के बीच रही जंग के बीच भयावह तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं. दरअसल, गाजा के अल नसर अस्पताल में नवजात शिशुओं के सड़े गले शव बरामद किए गए हैं.
Israel Hamas War: इजरायल और हमास के बीच रही जंग के बीच भयावह तस्वीरें निकलकर सामने आई हैं. दरअसल, गाजा के अल नसर अस्पताल में नवजात शिशुओं के सड़े गले शव बरामद किए गए हैं.
गाजा के रिपोर्टर मोहम्मद बालौश ने एक वीडियो में भयावह मंजर को दुनिया के सामने लाने का काम किया. बच्चे अस्पताल के आईसीओ वार्ड में जिस अवस्था में थे उसी में उनका मृत सड़ा गला शव पाया गया. किसी बच्चे के मुंह में ऑक्सीजन का सिलेंडर लगा है. जीवन रक्षक उपकरण बच्चों के शव में लगे दिखे.
27 नवंबर की एक फुटेज में 4 ऐसे नवजात शिशुओं के शव बरामद किए गए थे. कुछ बच्चों की डेड बॉडी कंकाल में बदल गई थी.
नवंबर में अल नस्र और अल रंतिसी चिल्ड्रेन हॉस्पिटल इजरायल और हमास के बीच जंग का मैदान बने थे. इजरायल के कहने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने बीते 10 नवंबर को उन बच्चों को आईसीयू में ही छोड़कर चला गया था, जिन्हें वहां से ले जाना सुरक्षित नहीं था.
विस्थापन के दौरान बच्चों को हॉस्पिटल से बाहर निकाले जाने और न निकाले जाने को लेकर विरोध हुआ था. अस्पताल से जुड़े एक डॉक्टर ने बताया कि हॉस्पिटल से बाहर जाने से पहले दो बच्चों की मौत हो चुकी थी. जबकि, तीन अन्य बच्चों जिसमें से एक दो महीने का बच्चा था उसे भी जीवित बिना किसी के देखभाल के संरक्षण में छोड़ दिया गया था. अस्पताल में शिशुओं को छोड़कर आने के बाद से उनकी स्थिति कैसी है इस पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है.
दोनों अस्पताल के बॉल चिकित्सा प्रमुख डॉक्टर मुस्तफा कहलौत ने 9 नवंबर के वीडियो में खतरनाक स्थिति के बारे में बताया था. जिसमें उन्होंने बताया था कि अस्पताल के आईसीयू वार्ड की ऑक्सीजन सप्लाई भी कट हो गई है.
रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति से अस्पताल के लिए सहायता मांगने के बावजूद चुनौती का सामना करना पड़ा. युद्ध की वजह से अस्पताल की एंबुलेंस जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रही थी.
अस्पताल के अधिकारी और इजरायल गतिविधियों का समन्वय करने वाली संस्था COGAT के बीच हुई बात की ऑडियो रिकॉर्डिंग में विस्थापन के लिए मदद की समझौते की बात कही गई थी. हालांकि, इसके बावजूद कर्मचारियों और मरीजों के लिए एंबुलेंस नहीं आई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक अल नस्त्र अस्पताल के कर्मचारियों कों इजरायली डिफेंस फोर्स के निर्देशों पर कम समय में ही हाथों में सफेद झंडा लेकर निकलने को मजबूर किया गया था.
इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने नवजात शिशुओं की मौत के इल्जाम को सिरे से नकारते हुए कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं. हमास द्वारा नियंत्रित गाजा हेल्थ मिनिस्ट्री ने इजरायल डिफेंस फोर्सेज पर आरोप लगाया है कि बाहर निकालने का झूठा आश्वासन दिया था.
गाजा के अस्पतालों से जैसी तस्वीर सामने आई है, शायद ही तबाही का ऐसा दर्दनाक मंजर शायद ही आपने कभी देखा हो. ये मानवता को शर्मशार कर देने वाली तस्वीरें हैं. इजरायल-हमास युद्ध ने ऐसी कई दर्दनाक कहानियों को जन्म दिया है.